टोमैटो फ्लू से बचाव के लिए उत्तराखंड में जारी की गई गाइडलाइंस

जनादेश/डेस्क: देश में कोरोना वायरस महामारी के साथ-साथ मंकीपॉक्स और डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसी बीच अब एक नई बीमारी आफत बनती दिख रही है। आपको बता दें कि अब देशभर में टोमैटो फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। केरल, ओडिशा और हरियाणा जैसे राज्यों में अब तक इस फ्लू के 100 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। अकेले केरल में ही 80 से अधिक केस दर्ज किए जा चुके हैं। बता दें कि यह बीमारी 9 साल से कम उम्र के बच्चों को हो रही है। बच्चों में फैलने वाली इस बिमारी के खतरे को देखते हुए उत्तराखंड शासन ने गाइडलाइंस जारी की है। प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा है।

पत्र में डॉ. राजेश कुमार ने कहा है कि यह संक्रमण खांसने, छींकने से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के नजदीकी संपर्क में आने, थूक या लार के संपर्क से भी फैलता है। इसमें बच्चे को बुखार आने के साथ ही बदन दर्द, जी मिचलाना, भूख न लगना, गले में सूजन व दर्द, दस्त लगना, जोड़ों में सूजन के साथ ही एक से दो दिन के भीतर मसूड़ों, चेहरे, जीभ, हाथ व पंजों में चकत्ते आ जाते हैं।

इससे बचाव के लिए उन्होंने संक्रमित बच्चे या व्यक्ति को बीमारी की अवधि के दौरान आईसोलेट करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं कि वह चकत्तों को न रगड़ें, मास्क का इस्तेमाल करें।

साथ ही उन्होंने सभी जिलाधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह टोमैटो फ्लू की कड़ी निगरानी करें। सभी राजकीय व निजी अस्पतालों में चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को इस संबंध में जागरूक किया जाए। उन्होंने आशा कार्यकत्रियों के माध्यम से भी जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। 

आपको बता दें कि टौमैटो फ्लू में बस लाल दाने निकलते हैं इसलिए इसे टोमैटो फ्लू नाम दे दिया गया है। इस प्रकार की बीमारियाँ बच्चों को होती रहती हैं, जिसमें तेज बुखार होता है और शरीर पर दाने निकलते हैं, लेकिन इस बार इसे टोमैटो फ्लू नाम दे दिया गया है तो लोग इससे घबरा रहे हैं, जबकि ये कोई नई बीमारी नहीं है और न ही ये फ्लू अधिक संक्रामक है।