सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत

जनादेश/नई दिल्ली: पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत रजिस्टर्ड करोड़ों किसानों के लिए खुशखबरी है। दरअसल केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए अनिवार्य किए गए ई-केवाईसी (eKYC) प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निर्धारित डेडलाइन बढ़ा दी है। पीएम किसान पोर्टल पर अपडेट की गई जानकारी के मुताबिक, अब 22 मई, 2022 तक यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इससे पहले अंतिम तिथि 31 मार्च, 2022 थी।

12 करोड़ से ज्यादा किसानों को लाभ
गौरतलब है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत लगभग 12.53 करोड़ किसान रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में जो किसान अब तक ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा नहीं कर सके हैं उनके लिए ये बेहद ही राहत भरी खबर है। बता दें कि सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया है। इसे पूरी किए बिना योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं मिल सकेगी।

आने वाली है योजना की 11वीं किस्त
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक सरकार ने 10 किस्तें वितरित की हैं और अगली यानी 11वीं किस्त अप्रैल के पहले हफ्ते में कभी किसानों के खाते में आ सकती है, लेकिन इसके लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरा करना जरूरी है। अगर आप भी चाहते हैं कि सरकार की ओर से दी जाने वाली 2000 रुपये की किस्त न लटके तो अंतिम तिथि का इंतजार न करें और आज ही इस प्रक्रिया को पूरा कर लें।

ई-केवाईसी पूरा करना है जरूरी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार देश के किसानों के अकाउंट में छह हजार रुपये सालाना ट्रांसफर करती है। हर 4 महीने में किसानों के अकाउंट में 2,000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। गौरतलब है कि भारत सरकार ने सभी किसानों के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया था। हालांकि इसे कुछ दिनों के लिए होल्ड पर रखा गया था, लेकिन अब इसे आधिकारिक वेबसाइट पर फिर से शुरू कर दिया गया है। इस जरूरी काम को घर बैठे अपने मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर की मदद से भी आसानी से पूरा किया जा सकता है।

इन तारीखों में भेजी जाती हैं किश्तें
बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 10वीं किस्त की राशि किसानों के खातों में बीती 1 जनवरी 2022 को ट्रांसफर की गई थी। यहां जान लें कि इस योजना के तहत किसानों को पहली किश्त का पैसा 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच में दिया जाता है। वहीं, दूसरी किश्त का पैसा 1 अगस्त से 30 नवंबर के बीच मिलता है। जबकि, योजना की तीसरी किश्त का पैसा 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच में ट्रांसफर किया जाता है। इस हिसाब से देखें तो अप्रैल की शुरुआत यानी पहले हफ्ते में किसानों के अकाउंट में 11वीं किश्त का पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है।

राशन कार्ड भी हुआ अनिवार्य
सरकार की ओर से किए गए बड़े बदलाव के तहत अब इस योजना के लिए नए पंजीकरण कराने पर राशन कार्ड नंबर देना भी अनिवार्य होगा। इसके अलावा दस्तावेज की पीडीएफ कॉपी बनाकर ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड करनी होगी। अगर आप पीएम किसान योजना के तहत पहली बार रजिस्ट्रेशन कराते हैं तो आवेदक को राशन कार्ड का नंबर अपलोड करना बेहद जरूरी होगा। सरकार की ओर से किए गए बदलावों के तहत अब खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और घोषणापत्र की हार्डकॉपी जमा करने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अगर आपे अब तक ये काम नहीं किया है तो आज ही कर लें। ऐसा न करने पर आपकी किस्त की राशि आपको मिलने में दिक्कत हो सकती है।

इन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ
यहां पर यह बताना जरूरी है कि आप भले ही छोटे या फिर सीमांत किसान हों, लेकिन अगर परिवार का कोई सदस्य टैक्स जमा करता है, तो ऐसी स्थिति में आपको इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यहां परिवार के सदस्य से मतलब पति-पत्नी और अवयस्क बच्चों से है। इसके अलावा जिनके पास कृषि योग्य भूमि नहीं हो, कृषि योग्य भूमि हो लेकिन इसका मालिक सरकारी कर्मचारी हो या फिर किसान को सालाना 10,000 रुपये पेंशन प्राप्त होती है, तो ऐसे किसानों को योजना से बाहर रखा गया है।

ऐसे पूरी करें ई-केवाईसी प्रक्रिया

  • आधिकारिक वेबसाइट पर https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।
  • अब किसान कॉर्नर विकल्प पर eKYC लिंक दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
  • इसके बाद अपना आधार नंबर दर्ज करें और सर्च बटन पर क्लिक करें।
  • इसके बाद यहां मांगा गई जरूरी जानकारियों को दर्ज करें।
  • इसके बाद सब्मिट पर क्लिक करते ही प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
  • इस तरह चेक करें अपना स्टेटस
  • सबसे पहले pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
  • अब ‘Farmers Corner’ के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • इसके बाद लाभार्थी सूची (Beneficiary Status) पर क्लिक करें।
  • अब अपने राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव का नाम दर्ज करें।
  • फिर ‘Get Report’ ऑप्शन पर क्लिक करने पर पूरी लिस्ट खुलेगी।
  • किसान इस लिस्ट में आप अपनी किस्त का विवरण देख सकते हैं।