उत्तराखंड के ग्रीन जोन में कोरोना संक्रमण बढ़ने की आशंका

देहरादूनः उत्तराखंड में अब तक कोरोना से महफूज रहे ग्रीन श्रेणी के जिलों में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अगले 28 दिन विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
उत्तराखंड के सात पर्वतीय जिलों में कोरोना का अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। राज्य में 10 जिले ग्रीन जोन में है। देहरादून व नैनीताल ऑरेंज श्रेणी में हैं। हरिद्वार अकेला ऐसा जिला है जो रेड जोन में है। ऑरेज से ग्रीन श्रेणी में आए पौड़ी, अल्मोड़ा व ऊधमसिंहनगर में भी कम मामले सामने आए।
ग्रीन श्रेणी में होने से अब इन जिलों को लॉकडाउन में छूट मिल गई है। साथ ही इनमें बड़ी संख्या में प्रवासियों की वापसी भी शुरू हो गई है। ऐसे में बाहर से संक्रमित के पहुंचने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने से संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। राज्य में सबसे अधिक प्रवासियों को ग्रीन श्रेणी के जिलों में आना है इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय प्रशासन को भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।

सत्रह हजार प्रवासियों की हो चुकी है वापसी
लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्यों से 17 हजार प्रवासी उत्तराखंडी गुरुवार दोपहर तक अपने घर लौटे हैं। इधर राज्य से बाहर जाने को भी दस हजार से ज्यादा लोग अलग-अलग जिलों में इंतजार कर रहे हैं। कई राज्यों में फंसे प्रवासियों की घर वापसी तेज हो गई है।
बीते 24 घंटे में 3082 लोग उत्तराखंड पहुंचे हैं, इस तरह अब तक कुल 17 हजार लोगों की राज्य में वापसी हो चुकी है। सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि राज्य के भीतर के जिलों में अब तक 11,091 लोगों की घर वापसी हुई है। वही, नोडल विभाग रात 12 बजे तक लौटने वाले लोगों की अंतिम रिपोर्टिंग कर रहा है।
अब तक के अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक सर्वाधिक प्रवासी टिहरी जिले में लौटे हैं, जहां कुल आंकड़ा 2739 तक पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में भी टिहरी में सर्वाधिक 1470 लोगों की घर वापसी हुई है। दूसरे स्थान पर नैनीताल जिले में 2123 लोगों की घर वापसी हुई।
इधर उत्तराखंड में करीब 10781 लोग अब भी दूसरे राज्यों में स्थित अपने घर लौटना चाहते हैं। उक्त सभी राज्य के सभी जिलों में फंसे हुए है। गुरुवार को राज्य से 181 लोग दूसरे राज्यों में भेजे गए।

ग्रीन जोन के जिलों में सर्वाधिक प्रवासी आएंगे : पंत
अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने कहा कि ग्रीन जोन के जिलों में प्रवासियों की बड़ी संख्या वापस आ रही है। ऐसे में इन जिलों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वालों की अनिवार्य रूप से स्क्रीनिंग करने, कोरनटाइन नियमों का पालन करने, सर्विलांस सिस्टम को सतर्क रहने को कहा गया है।
गांव लौटे लोग भी नियमों का पूरी तरह पालन करें इसके लिए प्रधानों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं हुआ तो निश्चित रूप से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ेगा।