बजट सत्र में बयान देंगे विदेश मंत्री जयशंकर

जनादेश/नई दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर संसद में बजट सत्र के दूसरे हिस्से में यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की निकासी के लिए चलाए गए बचाव अभियान पर एक बयान देंगे। इस दौरान वह इस मुद्दे पर भी बात करेंगे कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस विवाद में भारत का रुख क्या है। केंद्र सरकार ने 24 फरवरी को रूस के हमले का सामना कर रहे देश यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों और छात्रों को वहां से निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा की शुरुआत की थी। इस काम में समन्वय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार केंद्रीय मंत्रियों को विभिन्न देशों में भेजा था।

यूक्रेन के चार पड़ोसी देशों में भेजे गए थे चार केंद्रीय मंत्री
इसके तहत केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को स्लोवाकिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया को हंगरी, हरदीप सिंह पुरी को रोमानिया और जनरल वीके सिंह को पोलैंड भेजा गया था। अभी तक भारत ने 80 से अधिक विशेष उड़ानों के माध्यम से यूक्रेन में फंसे लगभग 20,000 लोगों को निकाल लिया है।

पड़ोसी देशों के नागरिकों को भी भारत ने बाहर निकाला
ऑपरेशन गंगा के तहत भारत ने बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के कुछ नागरिकों को भी यूक्रेन से निकाला है। इस दौरान बसों और ट्रेनों के जरिए भारतीयों को यूक्रेन के पश्चिमी सीमाओं तक लाया गया और वहां से उन्हें विमान से भारत के लिए रवाना किया गया।

ऑपरेशन देवी शक्ति के बाद सबसे बड़ा बचाव अभियान
बजट सत्र का दूसरा भाग 14 मार्च से प्रारंभ होगा और आठ अप्रैल तक चलेगा। पिछले साल अफगानिस्तान में केंद्र की मोदी सरकार की ओर से चलाए गए ऑपरेशन देवी शक्ति के बाद यह विदेशों में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए चलाया गया सबसे बड़ा बचाव अभियान है।