चुनाव आयोग ने किया EVM का निरीक्षण, जल्द घोषित होगी चुनाव की तारीख

जनादेश/नई दिल्ली: दिल्ली में निगम चुनाव 2022 की तारीख को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हुई है, लेकिन जैसे-जैसे घटनाक्रम बढ़ रहे हैं उससे आने वाले महीनों में निगम चुनाव की संभावना जताई जा रही है। ताजा घटनाक्रम में निगम के पूर्व मुख्यालय रहे टाउन हाल में शुक्रवार को राज्य चुनाव आयोग की टीम ने यहां सुरक्षित रखी गई ईवीएम का निरीक्षण किया।

दिल्ली में निगम चुनाव 2022 की तारीख को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हुई है, लेकिन जैसे-जैसे घटनाक्रम बढ़ रहे हैं उससे आने वाले महीनों में निगम चुनाव की संभावना जताई जा रही है। ताजा घटनाक्रम में निगम के पूर्व मुख्यालय रहे टाउन हाल में शुक्रवार को राज्य चुनाव आयोग की टीम ने यहां सुरक्षित रखी गई ईवीएम का निरीक्षण किया।

बता दें कि बीते सप्ताह वार्ड परिसीमन के लिए बनी कमेटी ने इसका ड्राफ्ट भी सार्वजनिक कर दिया था। इस पर तीन अक्टूबर तक जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी जा रही है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद परिसीमन कर रही समिति ड्राफ्ट को अंतिम रूप देकर केंद्र सरकार को भेज देगी।

इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय इस ड्राफ्ट को अधिसूचित कर देगा। इसके अधिसूचित होते ही राज्य चुनाव आयोग वार्डों के आरक्षण की सूची को सार्वजनिक करेगा, जिसमें महिला वार्ड, सामान्य वार्ड और अनुसूचित जाति के वार्ड के आरक्षण की जानकारी होगी। इस प्रक्रिया के पूरा होते ही चुनाव की घोषणा की जा सकती है।

दिल्ली नगर निगम के पूर्व मुख्य विधि अधिकारी अनिल गुप्ता का कहना है कि अक्सर वार्डों का परिसीमन करने में आठ से दस माह का समय लगता है, लेकिन केंद्र सरकार ने परिसीमन को पूरा करने की समय-सीमा चार माह तय कर दी थी। इससे माना जा सकता है कि जल्द ही दिल्ली निगम चुनाव हो सकते हैं। कोई बड़ी बात नहीं है कि दिसंबर में चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाए।

केंद्र सरकार के आदेश के तहत आठ जुलाई को वार्ड परिसीमन के लिए गठित समिति को 9 नंवबर तक यह कार्य पूरा करना है। माना जा रहा है कि समिति जिस गति से कार्य कर रही है वह अपनी तय समय-सीमा से पूर्व सारी गतिविधियों को पूरा कर लेगी। टाउन हाल में निरीक्षण पर राज्य चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने को लेकर जवाब मांगा गया, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिल पाया।

पूर्वकालिक तीनों निगम (उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी) के चुनाव के लिए राज्य चुनाव आयोग ने फरवरी में ही चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए सभी जिलो में पर्यवेक्षक तक नियुक्त कर दिए थे। चुनाव कराने के लिए बिहार के 12 जिलों से 30 हजार ईवीएम मंगाई गई थीं।