दीपावली पर धूम मचाएंगे इको फ्रेंडली पटाखे, रोशनी से जगमग होगा आसमान

जनादेश/बरेली: दीपावली का पर्व आने से बाजारों में खरीदारी और तेज हो जाती है। साथ ही लोग पटाखा और
आतिशबाजी की दुकानो के पीछे ज्यादा भागने लगते है। वह भूल जाते है की यह पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचाते है।

लेकिन इस बार कुछ अलग होने जा रहा है। इस बार बाजार में इको फ्रेंडली पटाखों की धूम है, जो आसमान में रंगबिरंगी रोशनी बिखेरेंगे और पर्यावरण को दुर्षित होने से बचाएंगे। शहर में पुलिस-प्रशासन ने जीआईसी मैदान, मनोहर भूषण इंटर काॅलेज मैदान, नैनीताल रोड, तुलसीनगर का मैदान रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सामने समेत पांच स्थानों पर पटाखा की अस्थाई दुकानें लगाने की अनुमति दे दी है। व्यापारी 24 अक्टूबर तक दुकानें लगा सकेंगे। आतिशबाजी की दुकानें सजाने का दौर चल रहा है और ग्राहकों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो चुका था।

इस दौरान दुकानदार प्रदीप सक्सेना ने बताया कि इस बार बच्चों के लिए पॉप-पॉप नाम से पटाखा आया है। यह काफी छोटे हैं। इन्हें हाथ से मसलकर या फिर किसी ठोस स्थान पर फेंककर दगा सकते हैं। हालांकि पटाखों में
आवाज तेज आती है, लेकिन इससे कोई नुकसान बच्चों को नहीं है। और सबसे अहम बात इससे कोई प्रदूषण भी नहीं है। यह पटाखे पांच से सात साल के बच्चों काफी भा रहे हैं। इनकी मांग अधिक है। तो वहीं रंगीला अनार, रंगीन माचिस, 50 सेमी की रंगीन फुलझड़ी का भी इस बार खूब क्रेज है।

वहीं दूसरे दुकानदार नितेश का कहना है कि इस बार मल्टी कलर का पेंटा अनार आया है। जिसमें पांच रंग निकलते हैं। बच्चों के लिए मिसाइल आईं हैं। यह आगे की ओर जाती हैं। बच्चे इन्हें काफी पसंद कर रहे हैं। दुकानदार विजय कुमार गुप्ता बताते हैं कि कॉफ्टी अनार बम मार्केट में नए हैं। इसकी बिक्री भी खूब हो रही है। तेज ध्वनि वाले पटाखों से दूरी बनाने वालों के लिए नया आइटम आया है, इसमें जिस तरह से शादी-बारात, पार्टी में छोड़ने पर लोगों के ऊपर कागज की कटिंग की तरह उड़कर गिरता पड़ता है, ठीक उसी प्रकार यह अनार है। इसे छुड़ाने पर यह रंगीन होकर आसमान की ओर जाता है।

वहीं कोरोना के दो साल बाद इस बार लोगों में दिवाली को लेकर अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। लेकिन महंगाई की वजह से दिक्कतें भी हैं। आतिशबाजी पर भी महंगाई काफी बढ़ गई है, इससे करीब 25 फीसदी असर पड़ रहा है।

वैसे तो अस्थाई पटाखा दुकानों को लगाने की अनुमति तीन दिन के लिए मिली है। लेकिन दिवाली के दिन अच्छा व्यापार होने की उम्मीद है। उसी दिन बिक्री ठीक-ठाक हाेती है। उसी बिक्री से लोगों को काफी उम्मीदें हैं।