यूपी में आज होने जा रहा है विधानभवन में ई-विधान प्रणाली का उद्घाटन

जनादेश/लखनऊ: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला दो दिवसीय ई-विधान प्रणाली के प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधानसभा सदस्यों के प्रबोधन कार्यक्रम में उनको संबोधित करने जा रहे है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस कार्य को भी मिशन के रूप में स्वीकार करा है। कार्यशाला का समापन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा दो दिनों में पूरा किया जायेगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शुक्रवार सुबह लखनऊ पहुंचे। चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अमौसी पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने उनका स्वागत किया। लोकसभा अध्यक्ष विधान भवन में ई-विधान प्रणाली का उद्घाटन करेंगे।

विधानसभा में आज से ई- विधान प्रणाली का आरम्भ होने जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सदन में मौजूद रहेंगे। पहले दिन विधानसभा मंडप में लोकसभा अध्यक्ष सुबह 10:45 बजे पहुंचेंगे। स्वागत उद्बोधन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के संबोधन के बाद लोकसभा अध्यक्ष ई-विधान का उद्घाटन कर विधानसभा सदस्यों को संबोधित करेंगे। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना के आभार जताने के साथ उद्घाटन सत्र का समापन होगा। दोपहर दो बजे से नवीन भवन के तिलक हाल में विधायकों का प्रबोधन कार्यक्रम शुरू होगा। इसमें सुरेश खन्ना सदस्यों को संसदीय शिष्टाचार एवं आचरण का पाठ पढ़ाएंगे। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी कार्य स्थगन,अविलंबनीय लोक महत्व के प्रश्न एवं शून्य प्रहर विषय पर प्रशिक्षण देंगे। औचित्य का प्रश्न और संसदीय समितियां विषय के वक्ता पूर्व मंत्री डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी होंगे, जबकि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित संसदीय प्रश्न और प्रश्न पूछने का तरीका नए विधायकों को बताएंगे।

दूसरे दिन का सत्र शनिवार सुबह 11 बजे तिलक हाल में शुरू किया जायेगा, जिसमें राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अपने विचार रखेंगे। दोपहर दो बजे विधान सभा मंडप में ई-विधान का प्रशिक्षण शुरू होगा। सबसे पहले विषय की जानकारी महाना देंगे। इसके बाद एनआइसी के विशेषज्ञ विधायकों को तकनीकी जानकारियां देंगे। शाम 4:30 बजे दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन होगा। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 23 मई से शुरू हो रहा है। बजट सत्र से विधान सभा में नेशनल ई-विधान परियोजना को लागूू करने की तैयारी है। इसके जरिये विधान सभा की कार्यवाही को कागजरहित बनाने का इरादा है। ई-विधान परियोजना के तहत विधान सभा मंडप में प्रत्येक सदस्य की मेज पर टैबलेट लगाए गए हैं जिसके माध्यम से वह सदन की कार्यवाही में भाग ले सकेंगे। विधायकों को ई-विधान का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।