दिल्ली में होगी अब ड्राइविंग टेस्ट की सुविधा 8 बजे तक

जनादेश/नई दिल्ली: दिल्ली में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब देर रात तक टेस्ट देना संभव होगा। दिल्ली सरकार ने इसके लिए तीन ऑटोमेटेड टेस्ट ड्राइव ट्रैक तैयार किए हैं। करीब 24 दिन के ट्रायल के बाद परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने उन्हें शकूरबस्ती, मयूर विहार और विश्वास नगर में औपचारिक रूप से लॉन्च किया है। इसका लाभ कार्यकर्ताओं को भी दिया जायेगा। अब आपको ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑफिस से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। शाम 5-7 बजे के बीच अपॉइंटमेंट बुक करके टोकन लिए जा सकते हैं। वहीं, रात आठ बजे तक टेस्ट इंस्टालेशन होगा। कैलाश गहलोत ने कहा कि प्रत्येक ट्रैक पर प्रतिदिन 45 बुकिंग होगी। आठ अतिरिक्त परीक्षण पटरियों को चालू किया जाना बाकी है। इसके बाद रोजाना की क्षमता तीन हजार हो जाएगी।

टेस्ट ड्राइव को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक ट्रैक पर 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। लोग रात की पाली में टेस्ट ड्राइव का लाभ उठाकर समय बचा सकते हैं। कैलाश गहलोत के मुताबिक इससे पहले तीनों ट्रैक पर 1 मई से 24 मई के बीच टेस्ट किए गए थे। फिलहाल सरकार इन्हें औपचारिक रूप से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू कर रही है। यहां लोग नाइट शिफ्ट में टेस्ट ड्राइव का लाभ उठाकर समय बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक मई से अब तक रात की पाली में डीएल के करीब 2500 टेस्ट टेस्ट के तौर पर कर चुकी है।

रात की पाली पर सरकार लगातार नजर रखे हुए है। नाइट टेस्ट की सुविधा दिन की टेस्ट सुविधा जितनी ही अच्छी होगी। कैलाश गहलोत ने कहा कि विभाग ने मारुति सुजुकी फाउंडेशन को 12 सेल्फ ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने की जिम्मेदारी दी है। तीन शुरू हो गए हैं। शेष ट्रैक जल्द शुरू होगा। परीक्षण ड्राइव की बारीकी से निगरानी सुनिश्चित करने के लिए 17 उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं। वास्तविक समय में फुटेज और छवियों को कैप्चर करें। इसके अलावा, टोकन के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक कतार प्रबंधन प्रणाली भी स्थापित की गई है। यहां परीक्षा देने आने वाले लोगों के लिए फाइल के साथ समय भी तय है। आवेदन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर स्वीकार किए जाते हैं। बिना टोकन लिए किसी अन्य व्यक्ति का परीक्षण नहीं किया जा सकता है।

शाम 5:00 बजे से ट्रैक पर टेस्ट ड्राइव की सुविधा रात 8:00 बजे तक होगी। एक ट्रैक पर रोजाना 45 लोगों को टोकन मिलेंगे। तीनों ट्रैक पर 135 लोगों को मिलेगा समय। क्षमता बढ़ेगी, 12 ट्रैक शुरू होने से आंकड़ा 3000 के आसपास होगा। तीन जगहों पर एक से 24 मई तक परीक्षा हुई, इस दौरान 2565 स्थान आरक्षित किए गए।