कैप्टन के खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्यवाही शुरू

जनादेश/श्रीनगर: दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के अमशीपोरा गांव में जुलाई 2020 को फर्जी मुठभेड़ में मारे गए तीन युवकों के मामले एक सैन्य अफसर कैप्टन भूपेंद्र सिंह के खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में पाया गया था कि सैन्य कर्मियों ने सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम 1958 (अफ्स्पा) के तहत प्राप्त विशेष शक्तियों का दुरुपयोग किया था।

18 जुलाई, 2020 को शोपियां जिले के अमशीपोरा में हुई मुठभेड़

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि राजोरी जिले के तीन युवकों इम्तियाज अहमद, अबरार अहमद और मोहम्मद इबरार को 18 जुलाई, 2020 को शोपियां जिले के एक सुदूर पहाड़ी गांव अमशीपोरा में आतंकवादी बता मुठभेड़ में मार गिराया गया। घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर खबर वायरल हो गई थी जिसमें दावा किया गया कि तीनों युवक निर्दोष हैं और वहां मजदूरी करने गए थे।

सेना ने तुरंत मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी  का गठन किया

सेना ने तुरंत मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी  का गठन किया। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी दिसंबर 2020 के अंतिम सप्ताह में पूरी हो गई थी। बाद में सेना ने एक बयान जारी कर कहा था कि साक्ष्य के सारांश को रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।

अफ्स्पा के तहत मिली विशेष शक्तियों का दुरुपयोग किया

जिसमें प्रथम दृष्टया इस बात के सबूत मिले कि सैन्य कर्मियों ने अफ्स्पा के तहत मिली विशेष शक्तियों का दुरुपयोग किया था। आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी सलाहकारों के परामर्श से संबंधित अधिकारियों द्वारा इसकी जांच की जा रही है।

कैप्टन भूपेंद्र सिंह के खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्यवाही शुरू

अधिकारियों ने कहा कि सेना ने अपने उच्चतम मानकों और आतंकवाद विरोधी अभियानों के नैतिक आचरण के प्रति प्रतिबद्धता को बनाए रखते हुए कैप्टन भूपेंद्र सिंह के खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्यवाही शुरू की। अधिकारियों ने कहा कि कैप्टन को अफ्स्पा के तहत निहित शक्तियों का उल्लंघन करने और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुमोदित सेना के क्या करें और क्या न करें संबंधी निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए कोर्ट मार्शल कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा था।

यूसुफ को भी राजोरी से कोर्ट मार्शल कार्यवाही में गवाही देने के लिए बुलाया

सेना ने अबरार अहमद के पिता मोहम्मद यूसुफ को भी राजोरी से कोर्ट मार्शल कार्यवाही में गवाही देने के लिए बुलाया था। यूसुफ ने बताया कि मैं पिछले एक हफ्ते से यहां हूं और सेना के अधिकारियों ने मेरे बेटे के बारे में गुमशुदगी की रिपोर्ट मांगी है जो मैंने दे दी है। सेना हमारी देखभाल कर रही है और मुझे विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा।

पुलिस तीन के खिलाफ दाखिल कर चुकी है आरोप पत्र 

अमशीपोरा में फर्जी मुठभेड़ की खबर फैलने के तुरंत बाद, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक विशेष जांच दल का गठन किया था। जिसने अपने आरोप पत्र में कैप्टन भूपेंद्र सिंह सहित तीन लोगों के खिलाफ अमशीपोरा में फर्जी मुठभेड़ में तीन लोगों की हत्या का उल्लेख किया था। चार्जशीट में आरोप लगाया गया था कि कैप्टन सिंह ने अपने वरिष्ठों और पुलिस को इस मुठभेड़ के दौरान की गई बरामदगी के बारे में गलत जानकारी दी थी। पुलिस ने अपने आरोप पत्र में अन्य दो नागरिकों ताबीश नजीर और बिलाल अहमद लोन को भी शामिल किया था। इस आरोप पत्र में कहा गया था कि आरोपी कैप्टन सिंह ने सबूत नष्ट कर दिए थे।