कोरोना वायरसः देश में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 57 हजार करीब, 1900 की मौत

एम्स डायरेक्टर की चेतावनी, जून-जुलाई में चरम पर पहुंच सकती है महामारी

नई दिल्ली- देश में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। देशभर से लगातार हजारों मामले रोज सामने आ रहे हैं। लॉकडाउन और अन्य कदम उठाए जाने के बावजूद अभी इसके मामले बढ़ रहे हैं। देश में संक्रमितो की संख्या 57 हजार के करीब पहुंच गई है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हर तीन में से एक मरीज ठीक हो रहा है और ये आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

covid19india.org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के अनुसार देश में अब तक 56 हजार 873 संक्रमित मिले हैं। शुक्रवार को राजस्थान में 64, आंध्रप्रदेश में 54, कर्नाटक में 45, ओडिशा में 26, बिहार में 13, जबकि हरियाणा में 8 मरीज मिले हैं। इस महीने के पहले हफ्ते में कुल 21 हजार 485 नए मरीज बढ़े। यह कुल संक्रमितों का 38% है। इस दौरान 6827 मरीज ठीक भी हुए हैं। ओडिशा सरकार ने क्वारंटीन की अवधि को 14 दिन से बढ़ाकर 28 दिन कर दी है। इसमें से 21 दिन सरकार की तरफ से बनाई गई जगह पर रहना होगा और बाकी के सात दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा।

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 3390 नए मामले सामने आए हैं और 103 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 56,342 हो गई है, जिनमें 37,916 सक्रिय हैं, 16,540 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 1,886 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना महामारी के बीच भारतीयों के लाने के लिए सरकार ने 14 समुद्री पोत तैयार किए हैं। तीन जहाज मिशन पर हैं। दो मालदीव के लिए और एक यूएई के लिए रवाना किए जा चुके हैं। 11 रेडी टू मिशन मोड पर हैं। इसी के तहत गुरुवार को नौसेना का जहाज आईएनएस जलाश्व गुरुवार को मालदीव की राजधानी माले पहुंचा। एम्बेसी के मुताबिक जहाज से 750 लोग अपने देश पहुंचेंगे।

दूसरी और एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा, “मोडलिंग के डेटा और जिस तरह केस यहां पर बढ़ रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि जून और जुलाई महीने में यह महामारी अपने चरम पर होगी, लेकिन इसमें कई वेरिएबल्स हैं और समय के साथ ही हम ये जान पाएंगे कि ये बीमारी कितना फैली और लॉकडाउन का क्या प्रभाव रहा।” वैक्सीन नहीं होने के चलते सरकार ने कोरोना संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए लॉकडाउन का रास्ता अपनाया है। लॉकडाउन के पहले ही दिन 25 मार्च तक भारत में कोविड-19 के 600 से ज्यादा केस सामने आ चुके थे और 13 लोगों की मौत हो चुकी थी।