मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने साक्ष्य एकत्र करने को दिया समय

जनादेश/ऋषिकेश: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के निलंबित सचिव संतोष बडोनी, पूर्व परीक्षा नियंत्रक नारायण सिंह डांगी समेत पांच अफसरों पर विजिलेंस को जल्द मुकदमा दर्ज करने की अनुमति दी जा सकती है. मुख्य सचिव डॉ। एसएस संधु की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने विजिलेंस के निदेशक अमित सिन्हा को जल्द साक्ष्य एकत्र करने के निर्देश दिए हैं।

रविवार देर शाम को मुख्य सचिव डॉ. संधु की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक हुई.सूत्रों ने बताया कि कमेटी ने विजिलेंस के अफसरों से पूछा कि क्या मुकदमा दर्ज करने के पर्याप्त साक्ष्य मिल चुके हैं या नहीं।यह तय हुआ कि यदि उक्त अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार में लिप्त रहने के अभी पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं तो विजिलेंस को कुछ और समय दिया जाना चाहिए। ताकि मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपियों को कोई लाभ नहीं मिल सके।बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंदवर्धन, सचिव सतर्कता शैलेश बगोली के साथ ही न्याय व विजिलेंस के अफसर मौजूद रहे। बता दें कि यूकेएसएसएससी परीक्षाओं में घपले पर सरकार ने आयोग के सचिव संतोष बडोनी को 13 अगस्त को हटा दिया था, जबकि दो सितंबर को उन्हें सस्पेंड भी कर दिया था। वहीं आयोग के पूर्व परीक्षक नियंत्रक डांगी जनवरी में रिटायर हो चुके हैं। इसके साथ ही आयोग के तीन अनुभाग अधिकारी बृजलाल बहुगुणा, दीपा जोशी और कैलाश नैनवाल पर भी गंभीर आरोप है। विजिलेंस ने इन पांचों के खिलाफ मुकदमे की अनुमति मांगी थी।