CM पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा

जनादेश/देहरादून: चुनाव परिणाम आने के बाद अब भाजपा सरकार बनाने की प्रक्रिया में लग गई है, जिसके तहत मुख्यमंत्री धामी ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

चुनाव की चुनौती तो पार हुई, अब वादों को पूरा करने की जिम्मेदारी

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में जीत की चुनौती को तो पार कर लिया है लेकिन अब वादों को निभाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। इन वादों में कई ऐसे भी हैं, जो जरा मुश्किल हैं, विवादित हो सकते हैं या जिनकी राह आसान न होगी। भाजपा ने चुनाव से कुछ दिन पहले समान नागरिक संहिता लागू करने का एलान किया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यह घोषणा करने वाले चर्चित नेता इसलिए बने थे क्योंकि देश में अभी तक किसी भी राज्य में समान नागरिक संहिता लागू नहीं हो पाई है। लिहाजा, इस घोषणा को भाजपा कितना और कैसे आगे बढ़ाएगी, यह देखने वाली बात होगी।

मंदिरों में मत्था टेकने पहुंचे रहे विजेता प्रत्याशी

प्रदेश में भाजपा एक बार फिर सरकार बनाने जा रही है। पार्टी को मिली जीत से कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। विजेता प्रत्याशी जीत के बाद मंदिरों में मत्था टेकने पहुंच रहे हैं। विधायक रितु खंडूरी सबसे पहले मंदिर दर्शन करने पहुंची। उन्होंने कोटद्वार की जनता का भी आभार व्यक्त किया।

भाजपा कार्यालय में जश्न तो कांग्रेस कार्यालय में पसरा सन्नाटा

भाजपा कार्यालय में एक ओर जहां जश्न की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है। कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के कक्ष में ताला लगा हुआ है। पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता यहां नजर नहीं आ रहा।

इस्तीफा सौंपने के बाद क्या बोले सीएम धामी

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है। इस दौरान सीएम धामी धामी ने कहा कि हमें एक नया जनादेश मिला है और यह कार्यकाल पूरा हो गया है, इसलिए राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दे दिया। उन्होंने मुझे नई सरकार के शपथ ग्रहण तक कार्यवाहक के तौर पर अपनी भूमिका निभाने के लिए कहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिया इस्तीफा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को दोपहर 1:30  बजे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से भेंट कर मुख्यमंत्री पद से त्याग पत्र सौंपा।  पुष्कर सिंह धामी का इस्तीफ़ा स्वीकार करते हुए राज्यपाल ने उनसे राज्य में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति होने एवं पदभार ग्रहण करने की अवधि तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है।

भाजपा को यहां लगातार पांचवीं जीत मिली

कैंट विधानसभा सीट पर एक बार फिर भगवा बुलंद हुआ। विधायक हरबंस कपूर के असामयिक निधन के बाद उनकी पत्नी सविता कपूर को पार्टी ने मैदान में उतारा और भाजपा को यहां लगातार पांचवीं जीत मिली। मसूरी विधानसभा सीट गणेश जोशी दुर्ग में कांग्रेस सेंध नहीं लगा पाई। कांग्रेस प्रत्याशी गोदावरी थापली को मात मिली। काशीपुर में भी भाजपा पांचवीं बार चुनाव जीती। इस सीट पर भाजपा ने चार बार के विधायक हरभजन सिंह चीमा की जगह उनके बेटे त्रिलोक सिंह चीमा पर दांव लगाया। चीमा चुनाव जीत गए। लैंसडौन सीट पर एक बार फिर दिलीप सिंह रावत ने चुनाव जीता।

भाजपा के 12 दुर्ग सलामत, तीन में लगी सेंध

विधानसभा चुनाव में भाजपा अपने एक दर्जन पारंपरिक दुर्गों पर भगवा बुलंद करने में कामयाब रही। जबकि उसके तीन दुर्ग ढह गए। भाजपा के पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले खटीमा और हरिद्वार ग्रामीण में कांग्रेस सेंध लगाने में कामयाब रही।  भाजपा के दुर्ग माने जाने वाले हरिद्वार सीट पर मदन कौशिक पांचवीं बार चुनाव जीते। उन्होंने कांग्रेस सत्यपाल ब्रहमचारी को हराया। डोईवाला में भी भाजपा अपना किला बचाने में कामयाब रही। इस सीट पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चुनाव नहीं लड़ा और उनकी जगह बृजभूषण गैरोला को पार्टी ने मैदान में उतारा। गैरोला चुनाव जीत गए। इस सीट पर भाजपा की लगातार पांचवीं जीत है।

सीएम धामी ने कहा-पर्यवेक्षक नियुक्त होने के बाद चलेगी आगे की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र की हमारी पद्धति है कि पर्यवेक्षक नियुक्त होते हैं, जब भी वे आएंगे उसके बाद आगे की प्रक्रिया चलेगी। आज सिर्फ कैबिनेट की बैठक होगी। आज सीएम धामी के राज्यपाल को इस्तीफा सौंपे जाने की चर्चा थी। वहीं दूसरी ओर बीजेपी कार्यालय में भाजपा विधायकों व मंत्रियों के आने का सिलसिला जारी है।

बीजेपी कार्यालय पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बीजेपी कार्यालय पहुंचे गए हैं। इस दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा ने इस बार मिथक तोड़ दिए हैं। सारे भ्रम दूर कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को मिला यह प्रचंड बहुमत इस बात की ओर से इशारा करता है कि उत्तराखंड की जनता डबल इंजन की सरकार चाहती है।

भाजपा विधायक पहुंचने लगे राजधानी, जगह-जगह हो रहा स्वागत

भाजपा को मिली जीत के बाद अब सभी विधायकों का राजधानी पहुंचे का सिलसिला शुरू हो गया है। विधायक देवप्रयाग विनोद कण्डारी देहरादून के लिए कल शाम को रवाना हो गए थे। जबकि विधायक धन सिंह रावत आज रवाना हुए। यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल कल देर रात को यमुनोत्री विधान सभा क्षेत्र के चिन्याली सौड पहुंचे और आज चिन्यालीसौड,बनचौरा,श्रीकोट,ब्रह्मखाल होते हुए सांय तक अपने गृह क्षेत्र बडकोट नगर में पहुंचेंगे। जगह जगह उनका फूल माला ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया जा रहा है।

जनता का फैसला सिर-माथे पर, हार के कारणों की समीक्षा करेंगे : प्रीतम

कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने देहरादून की चकराता सीट से जीत हासिल की है। इसके लिए उन्होंने चकराता की जनता का आभार व्यक्त किया है। प्रीतम ने कहा कि जनता ने जो जनादेश दिया है, हम उसको स्वीकार करते हैं। हम इस बात का आकलन करेंगे कि हमसे कहां चूक हुई। इसकी समीक्षा की जाएगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने हमें क्यों स्वीकार नहीं किया।

आने वाले दिनों इसका आकलन किया जाएगा। हम जनता की अदालत में हर पांच साल बाद जाते हैं और जनता ही फैसला लेती है। इसलिए जो भी फैसला जनता ने दिया है, उसे सभी को स्वीकार करना चाहिए। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी अगर हार मिली है, तो उन्हें भी यह निर्णय स्वीकार करना चाहिए। हरीश रावत हमारे वरिष्ठ नेता हैं, वह भी चुनाव हार गए, लेकिन, इससे उनके कद में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हम हार की वजहों पर मंथन करेंगे। उन्होंने चकराता की जनता ने का भी आभार व्यक्त किया।

अगले दो दिनों में सरकार गठन की तैयारी

चुनाव में दो तिहाई बहुमत हासिल करने के बाद अब भाजपा सरकार गठन की तैयारी में जुट गई है। संभावना है कि अगले दो-तीन दिन में भाजपा विधानमंडल दल की बैठक बुला सकती है। केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद सरकार आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री के सवाल पर राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है और अगला मुख्यमंत्री कौन होगा यह विधानमंडल दल की बैठक में तय होगा। नाम फिर संसदीय बोर्ड को भेजा जाएगा।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा, अभी कार्यवाहक की भूमिका में रहेंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज  इस्तीफा दे सकते हैं। वह राजभवन में राज्यपाल से शाम को मुलाकात करेंगे। वहीं बहुमत के बाद अब मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। भाजपा के कई वरिष्ठ विधायकों के अरमान जोर मार रहे हैं। किसी की नजर सीएम की कुर्सी पर है तो किसी की मंत्री पद पर। भाजपा के कई दिग्गज विधायकों की नजर या तो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर लगी है या उनके मन में मंत्री बनने के अरमान मचल रहे हैं।

दूसरी ओर आज प्रभारी प्रह्लाद जोशी व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक बैठक कर मंथन करेंगे। कार्यकर्ता जश्न की तैयारी में डूबे हैं। उत्तराखंड के चुनाव में जहां एक बार फिर सीएम के चुनाव हारने का मिथक दिखा तो दूसरी ओर सीएम के सभी चेहरे या दावेदार मतदाताओं के दिलों में जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाए। वहीं, भाजपा ने लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज की है।

हरीश रावत का जादू भी नहीं चला
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में काफी लंबे समय से यह मिथक रहा है कि जो भी मुख्यमंत्री विधानसभा चुुनाव लड़ता है, वह हार जाता है। इस बार भी खटीमा से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हार का मुंह देखना पड़ा। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के सीएम उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल भी जीत का सपना पूरा नहीं कर पाए। उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। वहीं, लालकुआं से प्रत्याशी कांग्रेस के चुनाव का नेतृत्व कर रहे सीएम पद के प्रबल दावेदार हरीश रावत का जादू भी नहीं चला और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।