विजयवाड़ा में फंसे बच्चे व अभिभावक बिहार के लिए रवाना, अमरेन्द्र ने जताया आभार

खुश खबरी-सरकार के आदेश के बाद ,विजयवाड़ा में फँसे हुए सभी बच्चे व अभिभावकों का मेडिकल जाँचोप्रांत बिहार के लिये हुए रवाना ।

“लॉकडॉन कानून में संशोधन करने के लिए देश के प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का अमरेन्द्र ने जताया आभार ।। लंबी संघर्ष के बाद आखिरकार विजयवाड़ा में फंसे हुए बच्चों का बिहार आने का रास्ता हुआ साफ”

पटनाः बिहार सरकार के प्रधान सचिव अमृत प्रत्यय एवं पीयूष कुमार (कमर्शियल टैक्स कमिश्नर, आंध्र प्रदेश ) से 2 दिन के वार्ता के बाद , दोनों लोगो द्वारा की गई सरहानीय पहल पर कृश्णा जिले के जिलाधकारी द्वारा दी गई 181 बच्चों सहित अभिभावकों को बिहार आने की अनुमति दी गई है।आदेश मिलने के बाद क्रीड़ा भारती के भोजपुर जिलाध्यक्ष अमरेन्द्र द्वारा अमृत प्रत्यय एवं पीयूष कुमार सहित समाजसेवी अनिल कुमार उर्फ अमरेन्द्र सिंह के साथ लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को दिया धन्यवाद आभार जताया।

गर्मी के छुटी के बाद पिछले 40 दिनों से विजयवाड़ा के कृष्णा जिले के श्री विश्वशांति स्कूल में बिहार के सैकड़ो बच्चों एवं उनके साथ फँसे हुए अभिभावकों को बिहार लाने के लिये क्रीड़ा भारती के जिलाध्यक्ष सह पूर्व पार्षद अमरेन्द्र कुमार द्वारा सरकार से आये दिन गुहार लगाई जा रही थी ,वहीं स्कूल के छोटे छोटे बच्चों एवं उनके अभिभावकों द्वारा सोसल मीडिया के माध्यम से बिहार के मुख्यमंत्री से बिहार लाने की मांग की जा रही थी ।

अमरेन्द्र ने बताया की लंबी संघर्ष के बाद आखिरकार विजयवाड़ा में फंसे हुए माशूम बच्चों का बिहार आने के लिये दोनों राज्यों के सरकार ने आपसी समन्वय बना  आदेश दिया।बिहार के प्रधान सचिव अमृत प्रत्यय एवं पीयूष कुमार (कमर्शियल टैक्स कमिश्नर, आंध्र प्रदेश ) के पहल पर कृष्णा जिले के जिलाधकारी द्वारा 181 बच्चों सहित अभिभावकों को बिहार आने की अनुमति दे दी गई हैं ।

अमरेन्द्र ने कहा कि दिनांक 03.05.2020 को अमृत प्रत्यय एवं पीयूष कुमार से वार्तालाप के बाद विश्व शान्ति स्कूल में फँसे सारे बच्चों एवं अभिभावकों का डिटेल की मांग की गई थी , जिसके बाद अमरेन्द्र ने स्कूल के डायरेक्टर से बात कर पूरा डिटेल ईमेल पर भेजने को कहा , प्रचार्य द्वारा छात्रों एवं अभिभावकों का पूरा डिटेल्स भेजा गया ततपश्चात उस डिटेल्स को दोनो राज्यों के प्रधान सचिव , नोडल अधिकारी सहित दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री को भेजा गया । जिसके उपरांत प्रत्यय अमृत व पीयूष कुमार के पहल के बाद देर रात्रि ही कृष्णा जिले के जिलाधकारी द्वारा सभी बच्चों सहित अभिभावकों को बस द्वारा बिहार आने के लिये अनुमति दे दी गई ।

विजयवाड़ा से बिहार आने वाले 1 बच्चों पर 8500 रु की खर्च ।

अमरेन्द्र ने बताया कि विजयवाड़ा से जो बच्चे बिहार आ रहे हैं वे अपने खर्च पर आ रहे हैं , उन्हें बिहार आने के लिये कृष्णा जिले के जिलाधकारी द्वारा 7 बस का परमिशन दिया हैं , जिसमे प्रत्येक बच्चों पर 8500 रुपये का किराया लग रहा हैं ।

क्रीड़ा भारती के भोजपुर जिलाध्यक्ष अमरेन्द्र द्वारा जताया आभार ।

अमरेन्द्र द्वारा दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रधान सचिव अमृत प्रत्यय सहित पीयूष कुमार एवं जिलाधकारी के साथ साथ समाजसेवी अनिल कुमार उर्फ अमरेन्द्र सिंह का विशेष तौर पर आभार जताया ।
इसके साथ ही बाहर में फंसे हुए छात्रों एवं मजदूरों को उनके घर तक लाने के लिए lockdown कानून में संशोधन करने के लिए प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री भारत सरकार का भी आभार जताया , अमरेन्द्र ने कहा की बच्चों को बिहार लाने में सभी का सराहनीय योगदान रहा , साथ ही लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को भी दिया धन्यवाद दिया और कहा कि इनके प्रयास से ही यह सम्भव हो सका ।