पंजाब में चन्नी या नई राजनीति की होगी दस्तक

जनादेश/नई दिल्ली: चाहे जीत कांग्रेस के हाथ लगे या उसके अरमानों पर झाड़ू फिर जाए। पंजाब की राजनीति हर हाल में करवट लेगी और नया इतिहास बनाएगी। आप का बहुमत हासिल करना राज्य में विकल्प की राजनीति की शुरुआत करेगा। वहीं कांग्रेस ने सत्ता बरकरार रखी तो पार्टी नेतृत्व को अमरिंदर सिंह की तरह बड़ा विकेट गिराने का हौसला मिलेगा। एग्जिट पोल के अनुमानों में पंजाब में आप सरकार बन रही है। हालांकि बीते चुनाव में एग्जिट पोल असली नतीजे के आसपास भी नहीं गए थे।

पंजा बचा तो चन्नी होंगे गांधी परिवार के सबसे भरोसेमंद चेहरा : पिछली बार की तरह ही अगर एग्जिट पोल के अनुमान ध्वस्त हुए और कांग्रेस अपनी सत्ता बचाने में कामयाब रही तो कैप्टन को हटा कर सीएम बनाए गए चरणजीत सिंह चन्नी के सियासी कॅरियर में चार चांद लग जाएंगे। पार्टी उनके जरिए देश भर के दलितों को लुभाने की कोशिश करेगी। चन्नी दस जनपथ के सबसे करीबी नेताओं में शुमार किए जाएंगे।

फिर एक हो सकते हैं भाजपा-अकाली : एग्जिट पोल्स के अनुमानों और आम धारणा है कि भाजपा और अकाली दल इस चुनाव में कुछ खास नहीं कर पाएंगे। दोनों को मिली करारी हार दशकों से साथ रहे दोनों दलों का मनमुटाव फिर से दूर कर सकती है। गौरतलब है कि इस बार अकाली दल ने बसपा के साथ तो भाजपा ने दो छोटे दलों के साथ गठबंधन   किया था। बहरहाल नतीजे के बाद साफ होगा कि भाजपा राज्य में कैप्टन के सहारे आधार बनाने की कोशिश करती है या अकाली दल को साधने की।

आप की सरकार के मायने
अगर राज्य में आप की सरकार बनी तो इसका देश की राजनीति पर बड़ा असर पड़ेगा। आजादी के बाद से ही राज्य की राजनीति कभी कांग्रेस तो कभी अकाली दल की धुरी पर घूमती रही है। आप के उदय से राज्य को एक नया और मजबूत विकल्प मिलेगा। फिर ममता की गैरकांग्रेस-गैरभाजपा दलों को एकजुट करने की मुहिम को मजबूती भी मिलेगी। बीते चुनाव में आप को चेहरा पेश न करने का नुकसान उठाना पड़ा।