व्यंग

चौधरियों की दुनिया

27 00 Viewsपल्लवी सिंह — ” काफी गहन प्रशिक्षण के बाद इन अपने किस्म के चौधरी को समझ आता है कि वे जिन दूसरे अपने किस्म के चौधरी की बात कर रहे थे, के जैसा अंतर्राष्ट्रीय कहें तो अधिकांश मुल्कों का चौधरी होना भी ज़रूरी है ताकि वह अपनी गोरी, धन और गन वाली चौधराहट […]

व्यंग

लोहा टू लोहा

91 00 Viewsअभय कुमार– एक और गुजरती अम्बानी की कम्पनी में पाकिस्तान के तारन हार सऊदी अरब ने इतना बड़ा निवेश कर दिया है कि अकेले उतनी रकम दुनिया की 39 देशों की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ गयी। जैसे भारत में कृषि आय, जो जीडीपी की दुगुनी होती जा रही है। आजकल देश में मोटा […]

व्यंग

प्रभुजी, वे चाकू हम खरबूजा

127 00 Viewsनाटक देखना किसे अच्छा नहीं लगता। गीत और संगीत, हास्य और रुदन, व्यंग्य और करुणा से लिपटे डायलॉगों के साथ अभिनय का सामूहिक रूप यानि नाटक। कई नाटक तो इतने प्रभावी होते हैं कि बीच में से उठने का मन ही नहीं करता। नाटक में जितने लोग परदे के आगे होते हैं, उससे […]

व्यंग

व्यंग्य :- मेरी दावेदारी भी लिख लें ।

282 00 Viewsअभय कुमार की कलम से — किसी भी विवाह या जन्मदिन समारोह में जाएं, तो वहां कुछ राशि भेंट देना एक परम्परा है। कहीं इसे व्यवहार कहते हैं, तो कहीं शुभकामना या आशीर्वाद। मेजबान कुछ संकोच से ‘‘इसकी क्या जरूरत थी ?’’ कहकर उसे जेब में रख लेता है। कुछ जगह कुछ बुजुर्ग […]