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मोदी के चक्र में पवार का व्यूह

50 00 Viewsअभय कुमार — ग्राउंड रिपोर्ट – भारत का महाराष्ट्र.देश की आर्थिक राजधानी.पैसा जिसके पास,पॉवर उसके पास.पवार जिसके साथ सत्ता की कुर्सी उनके साथ.जी हाँ,मराठा क्षत्रप शरद पवार ने ये साबित कर दिया है कि उनके जैसा कोई नहीं.उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ताले को अपनी चाबी से खोल दी. ऐसा लगता है कि […]

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महाराष्ट्र में राजनीतिक उजाला या काला धब्बा?

24 00 Viewsअभय कुमार — अपने अनूठे एवं विस्मयकारी फैसलों से सबको चैंकाने वाले नरेंद्र मोदी एवं भाजपा सरकार ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने की असमंजस्य एवं घनघोर धुंधलकों के बीच रातोंराज जिस तरह का आश्चर्यकारी वातावरण निर्मित करके सुबह की भोर में उसका उजाला बिखेरा वह उनके राजनीतिक कौशल का अद्भुत उदाहरण है. जिस […]

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जलते टायरों के साथ भारत मे और भी बहुत कुछ जल रहा है !

43 00 Viewsअंजली राणा — भारत के नबीपुर गांव में जब रात घिरती है तो घर के पिछवाड़े में बनी भट्टी में टायर जलने लगते हैं, हवा गहरे काले धुएं से भर जाती है और आस पास की मिट्टी काजल से काली हो जाती है. यह टायर पश्चिमी देशों से आया कूड़ा है. ज्यादा वक्त […]

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क्या अपने ही दिए फैसले पर फिर फैसला दे सकते हैं जज?

31 00 Viewsअभय कुमार — “भारत की सर्वोच्च न्यायालय में इस वक्त एक अनोखा विवाद चल रहा है. पांच जजों की एक संविधान पीठ को ये फैसला करना है कि एक ही मुद्दे पर सर्वोच्च अदालत की ही दो अलग अलग पीठों द्वारा दिए गए विरोधी फैसलों में से कौन सा सही है.” इस फैसले करने से पहले […]

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भारत रत्न की मांग पर उठा सियासी तूफान, सावरकर के साथ वीर जुड़ने की पूरी दास्तां

58 00 Viewsमालती मिश्रा — ” विनायक दामोदर सावरकर एक क्रांतिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, चिंतक, लेखक, कवि, वक्ता, राजनेता और दार्शनिक। सावरकर के कई रुप हैं, कुछ सब लोगों को लुभाते हैं और कुछ लोगों को रास नहीं आते हैं। उनके जीवन को लेकर तमाम तरह के मिथक हैं। “ विनायक दामोदर सावरकर, कुछ के लिए […]

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अंधविश्वास एवं जादू-टोना की क्रूरताएं कब तक?

39 00 Viewsअभय कुमार — ओडीशा के गंजाम जिले के कुछ अंधविश्वासी लोगों ने वहां के छह बुजुर्ग व्यक्तियों के साथ जिस तरह का बर्ताव किया, उससे एक बार फिर यही पता चलता है कि हम शिक्षित होने एवं विकास के लाख दावे भले करें, लेकिन समाज के स्तर पर आज भी काफी निचले पायदान […]

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ऐसे ही नहीं बन जाता कोई गांधी

55 00 Viewsअभय कुमार — भारत परंपराओं की भूमि रही है. इन पम्पराओं को जीवन में आत्मसात करने वाले व्यक्तित्वों की भी लम्बी श्रंखला है. जिन्होंने इन परम्पराओं को अपने जीवन में उतारा है, वे निश्चित रुप से महान भारत की संस्कृति को ही जीते दिखाई दिए हैं. इसी कारण वर्तमान में उनके अनुसरण कर्ता […]

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महात्मा गांधी और हिंदी

53 00 Viewsअभय कुमार– आजादी के आंदोलन के सबसे बड़े नेता रहे मोहनदास करमचंद गांधी भले ही स्वयं गुजराती भाषी थे, लेकिन हिंदी को लेकर उनका योगदान अतुलनीय रहा है. जब दक्षिण अफ्रीका से गांधी भारत आए तो उनका पहला आंदोलन चंपारण से शुरू हुआ. गांधीजी जब चंपारण गए तो सबसे बड़ी दिक्कत उन्हें भाषा […]

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जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापना की बाधाएं

54 00 Viewsअभय कुमार — जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के प्रावधान हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिकाएं हो या आतंक एवं हिंसाग्रस्त इस प्रांत में शांति स्थापना के लिये भारत सरकार के प्रयत्न, दोनों ही स्थितियां जीवंत लोकतंत्र का आधार है. याचिकाकर्ताओं के अनुसार कश्मीर में हालात बेहद खराब हैं, लोग हाईकोर्ट […]

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न थकने वाले ऐसे करामाती

82 00 Viewsअभय कुमार— कमाल है यार! हम तो करामातों पर लिख-लिखकर थकते जा रहे हैं, मगर करामातिये हैं कि थकान की परछाई तक उनके आस-पास फटक नहीं पा रही है। लगता तो ऐसा है कि रिले रेस चल रही हो। एक रुका तो दूसरा शुरू हो गया। उमंग सिंघार की उमंग पर ब्रेक लगे […]