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जलते टायरों के साथ भारत मे और भी बहुत कुछ जल रहा है !

15 00 Viewsअंजली राणा — भारत के नबीपुर गांव में जब रात घिरती है तो घर के पिछवाड़े में बनी भट्टी में टायर जलने लगते हैं, हवा गहरे काले धुएं से भर जाती है और आस पास की मिट्टी काजल से काली हो जाती है. यह टायर पश्चिमी देशों से आया कूड़ा है. ज्यादा वक्त […]

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क्या अपने ही दिए फैसले पर फिर फैसला दे सकते हैं जज?

14 00 Viewsअभय कुमार — “भारत की सर्वोच्च न्यायालय में इस वक्त एक अनोखा विवाद चल रहा है. पांच जजों की एक संविधान पीठ को ये फैसला करना है कि एक ही मुद्दे पर सर्वोच्च अदालत की ही दो अलग अलग पीठों द्वारा दिए गए विरोधी फैसलों में से कौन सा सही है.” इस फैसले करने से पहले […]

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भारत रत्न की मांग पर उठा सियासी तूफान, सावरकर के साथ वीर जुड़ने की पूरी दास्तां

31 00 Viewsमालती मिश्रा — ” विनायक दामोदर सावरकर एक क्रांतिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, चिंतक, लेखक, कवि, वक्ता, राजनेता और दार्शनिक। सावरकर के कई रुप हैं, कुछ सब लोगों को लुभाते हैं और कुछ लोगों को रास नहीं आते हैं। उनके जीवन को लेकर तमाम तरह के मिथक हैं। “ विनायक दामोदर सावरकर, कुछ के लिए […]

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अंधविश्वास एवं जादू-टोना की क्रूरताएं कब तक?

10 00 Viewsअभय कुमार — ओडीशा के गंजाम जिले के कुछ अंधविश्वासी लोगों ने वहां के छह बुजुर्ग व्यक्तियों के साथ जिस तरह का बर्ताव किया, उससे एक बार फिर यही पता चलता है कि हम शिक्षित होने एवं विकास के लाख दावे भले करें, लेकिन समाज के स्तर पर आज भी काफी निचले पायदान […]

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ऐसे ही नहीं बन जाता कोई गांधी

30 00 Viewsअभय कुमार — भारत परंपराओं की भूमि रही है. इन पम्पराओं को जीवन में आत्मसात करने वाले व्यक्तित्वों की भी लम्बी श्रंखला है. जिन्होंने इन परम्पराओं को अपने जीवन में उतारा है, वे निश्चित रुप से महान भारत की संस्कृति को ही जीते दिखाई दिए हैं. इसी कारण वर्तमान में उनके अनुसरण कर्ता […]

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महात्मा गांधी और हिंदी

19 00 Viewsअभय कुमार– आजादी के आंदोलन के सबसे बड़े नेता रहे मोहनदास करमचंद गांधी भले ही स्वयं गुजराती भाषी थे, लेकिन हिंदी को लेकर उनका योगदान अतुलनीय रहा है. जब दक्षिण अफ्रीका से गांधी भारत आए तो उनका पहला आंदोलन चंपारण से शुरू हुआ. गांधीजी जब चंपारण गए तो सबसे बड़ी दिक्कत उन्हें भाषा […]

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जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापना की बाधाएं

32 00 Viewsअभय कुमार — जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के प्रावधान हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिकाएं हो या आतंक एवं हिंसाग्रस्त इस प्रांत में शांति स्थापना के लिये भारत सरकार के प्रयत्न, दोनों ही स्थितियां जीवंत लोकतंत्र का आधार है. याचिकाकर्ताओं के अनुसार कश्मीर में हालात बेहद खराब हैं, लोग हाईकोर्ट […]

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न थकने वाले ऐसे करामाती

41 00 Viewsअभय कुमार— कमाल है यार! हम तो करामातों पर लिख-लिखकर थकते जा रहे हैं, मगर करामातिये हैं कि थकान की परछाई तक उनके आस-पास फटक नहीं पा रही है। लगता तो ऐसा है कि रिले रेस चल रही हो। एक रुका तो दूसरा शुरू हो गया। उमंग सिंघार की उमंग पर ब्रेक लगे […]

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इतिहास गवाह है ,अरुण कभी अस्त नहीं होता…

61 00 Viewsअभय कुमार — 66 वर्ष कोई उम्र नहीं होती.पर क्या करें अरुण जेटली की यही उम्र थी.वो हैं या नहीं है.इस पर मै भ्रमित हूँ  और शोकाकुल भी .अरुण जी क साथ ऐसा क्यों हुआ? कैसे हो गया.क्या जरुरी था ईश्वर के लिए.पर पता नहीं क्यों,लगता है कि ईश्वर की नगरी में भी […]

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मुस्लिम देश भी नहीं आये साथ, पाकिस्तान की टूट गयी सारी आस

41 00 Viewsअभय कुमार — धारा 370, अनुच्छेद 35ए की समाप्ति, लद्दाख और जम्मू−कश्मीर को केन्द्रीय प्रदेश बना देने की भारतीय कार्यवाही पर पाकिस्तान की सोच और कार्यवाहियां आत्मघाती और खिल्ली पूर्ण साबित हो रही हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, पाकिस्तान की सेना के अधिकारी और पाकिस्तान का कूटनीतिक संवर्ग सिर्फ और सिर्फ तनाव […]