ब्वॉयज लॉकर रूमः कई बड़े स्कूलों के छात्र कर रहे थे संचालित, किशोर ने की आत्महत्या

आपत्तिजनक संदेशों और वीडियो ही नहीं दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदातों को अंजाम देने की बनाई जाती थी योजना

नई दिल्लीः छात्र देश का भविष्य है उनकी सोच और शिक्षा ही देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन सोशल मीडिया और इंटरनेट के दौर में जहां छात्रों को शिक्षा में मदद मिल रही है। वहीं इसी सोशल मीडिया के कारण देश का भविष्य अपराध की ओर बढ़ रहा है। साइबर क्राइम की घटनाएं बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में ब्वॉयज लॉकर रूम का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक छात्र ने अभद्र चैट के मामले में आत्महत्या कर ली है। इस मामले में कई बड़े स्कूलों के छात्रों के नाम है। जो उनकी शिक्षा पर सवाल खड़े करते है।

बता दें कि दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने दिल्ली के स्कूली लड़कों द्वारा इंस्टाग्राम पर ब्वॉयज लॉकर रूम नाम से बनाए गए चैट ग्रुप में बलात्कार को बढ़ावा देने से जुड़े मामले में कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग स्कूली छात्र को पकड़ा है।’बॉयज लॉकर रूम’ नामक ग्रुप के 18 वर्षीय इस एडमिन ने इस साल बारहवीं बोर्ड की परीक्षा दी है। अधिकारियों ने बताया कि इस ग्रुप का इस्तेमाल अश्लील संदेशों और बच्चियों की छेड़छाड़ से तैयार की गई तस्वीरें सोशल मीडिया साइट पर शेयर करने के लिए किया जाता था।

पुलिस ने पकड़े गए छात्र का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है और उसकी जांच भी की जा रही है। इसके साथ ही इस ग्रुप से जुड़े लगभग सभी सदस्यों (21) की पहचान भी कर ली गई है। उन सब की की जांच की जाएगी। वहीं गुरुग्राम में खुदकुशी करने वाले 17 साल के किशोर के माता-पिता ने पुलिस के समक्ष आवेदन कर कहा है कि किस बड़े दबाव के चलते उनके बच्चे ने शीर्ष कदम उठाया और इस बात की जांच होनी चाहिए।

किशोरी ने 4 मई को कार्लटन एस्टेट आवासीय परिसर की 11वीं मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट की बालकनी से छलांग लगा दी थी। संदेह है कि मृतक इंस्टाग्राम के विवादित ग्रुप ब्वॉयज लॉकर रूम का सदस्य था। इसलिए उसने दबाव के चलते ऐसा किया। मृतक के पिता ने ग्रुप एडमिन और इंस्टाग्राम के अकाउंट वाली एक लड़की पर आरोप लगाए हैं।

उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम में ऐसे कोई निवारक उपकरण नहीं हैं, जिससे कि आपत्तिजनक संदेशों और वीडियो को रोका जा सके। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा साइकिल तक की सवारी करने से कतराता था। ऐसे में वह आपत्तिजनक संदेश कैसे पोस्ट कर सकता है? उसे इंस्टाग्राम ग्रुप के अन्य सदस्यों द्वारा कथित रूप से फंसाया गया।”

मृतक के पिता ने आगे कहा, “एक लड़की ने उस पर झूठे आरोप लगाए और कई अन्य लोगों ने उसे कई संदेश भेजकर परेशान किया। वह शायद इससे दबाव में आकर अवसाद में चला गया।” उन्होंने कहा, “जहां तक मेरी जानकारी है,13 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति इंस्टाग्राम पर अकाउंट बना सकता है।  मैं इसे संभावित रूप से रखना चाहता हूं क्योंकि वे (सभी बच्चे) इतने परिपक्व नहीं थे कि इसके परिणामों को समझ सकें।”

उन्होंने कहा, “मैंने अपना बच्चा खो दिया है, लेकिन मैं दूसरों के जीवन को बचाने के लिए इस बात को उठा रहा हूं, ताकि जैसे हम अपने बेटे को खोने का दर्द महसूस कर रहे हैं, अन्य किसी माता-पिता को इस तरह के आघात का सामना ना करना पड़े।”

गुरुग्राम पुलिस के पीआरओ सुभाष बोकन ने कहा, “हमें किशोर के माता-पिता से शिकायत मिली है। सभी पहलूओं की जांच जारी है। साइबर और फोरेंसिक साइंस एक्सपर्ट (विशेषज्ञों) के निष्कर्ष के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

दरअसल, इंस्टाग्राम पर एक ‘ब्वॉयज लॉकर रूम’ नाम से कुछ लोगों ने चैट ग्रुप बना रखा था। इसके जरिए नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें साझा की जा रही थीं और उन्हें ऑब्जेक्टिफाइड किया जा रहा था। दक्षिण दिल्ली की एक लड़की द्वारा सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट शेयर करने के बाद इस चैट ग्रुप के साथ ऐसे ही अन्य ग्रुप के बारे में जानकारी सामने आई और इस मामले पर लोगों की नजर गई।

लड़की ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, ‘दक्षिण दिल्ली के 17-18 साल की उम्र के लड़कों का एक ग्रुप है, जिसका नाम ‘ब्वॉयज लॉकर रूम’ है, जहां कम उम्र की लड़कियों की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक बनाया जा रहा था। मेरे स्कूल के दो लड़के इसका हिस्सा हैं।’ लड़की ने समूह में शामिल लड़कों की सूची और उनके चैट के स्क्रीनशॉट को भी साझा किया, जहां उन्हें लड़कियों की तस्वीरें साझा करते हुए और उन पर टिप्पणी करते हुए देखा जा सकता है। इस ग्रुप में वे गैंगरेप करने की योजना बनाते भी देखे जा रहे हैं।

इस प्रकरण के सामने आने के बाद दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा कि यह एक आपराधिक और दुष्कर्म मानसिकता का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम इंस्टाग्राम और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर रहे हैं। इस ग्रुप के सभी लड़कों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

वहीं दूसरी और  ब्वॉयज लॉकर रूम के बाद टॉप ट्रेडिंग में गर्ल्स लॉकर रूम भी सामने आया है। इसमें कई लोगों ने अलग-अलग तरह से प्रतिक्रियाएं देते हुए फोटो शेयर किए हैं। एक ने लिखा है कि पहले ब्यॉयज लॉकर रूम के बाद अब ट्रेंड कर रहा है गर्ल्स लॉकर रूम। अपशब्दता दोनों तरफ है लेकिन इस पर शोर शराबा समझ से बाहर है।

एक व्यक्ति ने गर्ल्स लॉकर रूम को टैग करते हुए लिखा है कि आईपीसी की धारा 354ए के तहत एक महिला का यौन उत्पीड़न करने पर तीन साल की सजा हो सकती है लेकिन ऐसा कोई कानून महिलाओं के लिए नहीं है। हां, पुरूषों का भी उत्पीड़न होता है फिर ऐसा एकतरफा कानून क्यों? महिलाओं के लिए भी कानून बने।