दौसा डॉक्टर आत्महत्या मामले में भाजपा नेता गोठवाल गिरफ्तार

जनादेश/दौसा: दौसा डॉक्टर आत्महत्या मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। प्रसूता आशा बैरवा के पति ने कहा कि उसने डॉक्टर के खिलाफ दर्ज हत्या के केस की रिपोर्ट ना लिखी और ना पढ़ी। कुछ लोगों ने उससे सादा कागज पर साइन ले लिए थे। मामले में भाजपा नेता जितेंद्र गोठवाल का नाम सामने आया है। जिसके बाद पुलिस ने डॉक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जितेंद्र गोठवाल को गिरफ्तार कर लिया है।मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मृतका अर्चना शर्मा के पति ने आरोप लगाया था कि सोमवार को डिलीवरी हुई थी। प्रसूता की हालत नाजुक थी, हम उसे बचा नहीं सके। परिजनों ने ये सब देखा। उन्होंने हमसे कहा कि आपने बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन हमारी किस्मत खराब थी। जिसके बाद शव को घर भेजवाने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच मुआवजा दिलाने के नाम पर वहां भाजपा के ही हरकेश मटलाना और जितेंद्र गोठवाल आ गए थे।
मेरे खिलाफ की जा रही साजिश-जितेंद्र गोठवाल
जितेंद्र गोठवाल का पुलिस ने मेडिकल करवाया है। वहीं गोठवाल ने सफाई दी कि मेरे खिलाफ साजिश की जा रही है। मेरे पहुंचने से पहले ही मुकदमा दर्ज हो गया था। वहीं जितेंद्र गोठवाल समर्थकों का कहना है कि लालसोट में बैरवा समाज से आने वाली मृतक महिला की डिलीवरी के समय मृत्यु हो गई। उसके परिजन और ग्रामीण निष्पक्ष जांच के लिए धरने पर बैठे थे। धरने में जितेंद्र गोठवाल ने अपनी उपस्थिति दर्ज की, जो कि एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। जो किसी भी जननेता का उत्तरदायित्व है।
डॉक्टर अर्चना शर्मा द्वारा जल्दबाजी में आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाना अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यजनक है। गोठवाल समर्थकों ने कहा कि अशोक गहलोत सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में क्यों किसी व्यक्ति को निजी अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गहलोत सरकार ने दोषी पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिए डॉक्टर अर्चना के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। जबकि गृह मंत्रालय स्वयं अशोक गहलोत संभाल रहे हैं। वे खुद इस्तीफा देने के बजाय मामले में भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी कर राजनीतिक लक्ष्य साधना चाह रहे हैं।
आरोप-प्रियंका गांधी को टिकट भेजने पर बनाया गया निशाना
समर्थकों ने यह भी कहा कि जितेंद्र गोठवाल ने अभी हाल ही में राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए प्रियंका गांधी को रेल का टिकट भेज कर राजस्थान में आने की मांग की थी। जिससे अशोक गहलोत बौखलाए हुए हैं और भाजपा नेताओं को निशाना बना रहे हैं।
क्या है मामला
दौसा जिले में स्थित लालसोट शहर के कोथून रोड पर संचालित एक हॉस्पिटल की महिला चिकित्सक अर्चना शर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक महिला की मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने महिला डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया था। डॉक्टर इसी से आहत थीं।
सुसाइड नोट में लिखा- डॉक्टर को प्रताड़ित करना बंद करो
डॉक्टर अर्चना शर्मा अपने पीछे दो बच्चों को पति के सहारे छोड़ गईं। महिला डॉक्टर के पास एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें उन्होंने लिखा कि मैंने कोई गलती नहीं की और मैंने किसी को नहीं मारा। मैं मेरे बच्चों और पति से बहुत प्यार करती हूं। किसी भी डॉक्टर को प्रताड़ित करना बंद करो। इस पूरे मामले में पुलिस पर दवाब बनाकर डॉक्टर पर हत्या का केस दर्ज करवाने का मामला सामने आया।
दौसा एसपी को हटाया गया
डॉक्टर के आत्महत्या मामले में दौसा एसपीअनिल बेनीवाल को हटा दिया गया है। वहीं सीओ शंकर मीणा को एपीओ और थाना प्रभारी अंकेश चौधरी को निलंबित किया है। जांच संभागीय आयुक्त दिनेश कुमार यादव को दी गई है। वहीं केस से 302 की धारा हटा दी गई है।
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