BJP के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष, केजरीवाल पहली बार हुए शामिल

अभय कुमार—

लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन तैयार करने के मकसद से 20 विपक्षी पार्टियों ने सोमवार को दिल्ली में मीटिंग की. विपक्ष एकजुट होकर पहले भी इस तरह की बैठक कर चुका है, लेकिन ये मीटिंग इस मायने में बेहद खास है कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल पहली बार इसमें शामिल हुए.

केजरीवाल के शामिल होने की एक वजह ये बताई जा रही है कि विपक्ष की ये बैठक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगूदेशम पार्टी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू ने बुलाई थी. इससे पहले विपक्ष की बैठक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी या यूपीए अध्‍यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में होती आई है.

एक ओर विपक्ष की बैठक में अरविंद केजरीवाल के शामिल होने की चर्चा हो रही है, तो दूसरी ओर एसपी-बीएसपी की ओर से किसी नेता के शामिल न होना भी एक पहली है. इन दोनों पार्टियों ने बैठक में शामिल न होने की कोई वजह भी नहीं बताई. हालांकि बैठक में शामिल कुछ विपक्षी दलों के नेताओं ने ये जरूर कहा कि यूपी में दोनों दलों के संभावित गठबंधन की वजह से किसी तरह की बाधा पैदा न हो, इसलिए फिलहाल एसपी-बीएसपी ने इस बैठक में शिरकत नहीं की.

20 विपक्षी दलों ने बीजेपी के खिलाफ भरी हुंकार

टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू के संयोजन में कांग्रेस समेत 20 विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि ‘संकटग्रस्त संविधान और संवैधानिक संस्थाओं को बचाने’ और बीजेपी को हराने के लिए वो मिलकर लड़ेंगे.

बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘‘राफेल और नोटबंदी समेत कई मामलों में बीजेपी के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करने पर बैठक में आम सहमति बनी है. हम इन मुद्दों पर संघर्ष के लिए तैयार हैं. इस भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए हर संभव उपाय अपनाते हुए विपक्षी दल संसद के भीतर और बाहर मोदी सरकार को घेरेंगे.”

विपक्षी बैठक के बाद चंद्रबाबू नायडू ने कहा, ‘‘ये ऐतिहासिक बैठक हुई. जो भी बीजेपी का विरोध कर रहे हैं और संस्थाओं और भारत को बचाना चाहते हैं वो साथ आए हैं. यह राष्ट्र की आवाज है.”

इस सरकार को जाना चाहिए. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो देश का बड़ा नुकसान हो सकता है. विपक्षी दलों के बीच समन्वय को लेकर कार्ययोजना बनेगी और विपक्ष के नेता राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात कर सकते हैं.
चंद्रबाबू नायडू, अध्यक्ष, टीडीपी

‘माल्या का प्रत्यर्पण अहम नहीं’

विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लंदन कोर्ट से मंजूरी मिलने को बड़ी कामयाबी मानने से इनकार करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘‘देश में हर दिन किसान खुदकुशी कर रहे हैं, बैंकिंग प्रणाली किसान की पहुंच से दूर है. माल्या ने नौ हजार करोड़ रुपये और नीरव मोदी ने 35 हजार करोड़ रुपये की चोरी की. ये सब प्रधानमंत्री के करीबी लोग हैं. इसलिए माल्या के प्रत्यर्पण का सवाल अहम नहीं है बल्कि सवाल ये है कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम प्रधानमंत्री मोदी के मित्रों के हाथों में सौंप दी गयी है.”

आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदम देश के लिए खतरा साबित हो रहे हैं. आरबीआई के गवर्नर को इसलिए इस्तीफा देना पड़ा, क्योंकि वह एक संस्था के रूप में आरबीआई को बचाने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन बचा नहीं सके.

विपक्षी बैठक में कांग्रेस की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अहमद पटेल, एके एंटनी, अशोक गहलोत, मल्लिकार्जुन खड़गे और गुलाब नबी आजाद शामिल हुए. इससे पहले बैठक 22 नवंबर को बुलाने की योजना थी लेकिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने की वजह से इसे टाल दिया गया था.