बिहार: कोटा से छात्रों को लेकर बरौनी जंक्शन पहुंची पहली ट्रेन,परिजनों को देख खिले चेहरे

पटनाः लॉकडाउन में राजनितिक उठापटक के बाद आखिर कोटा में पढ़ रहे बेगूसराय समेत बिहार के अन्य जिलों के बच्चों की घर वापसी शुरू हो गई। छात्रों और यात्रियों को लेकर पहली ट्रेन सोमवार को कोटा (राजस्थान) से बरौनी जंक्शन पहुंची। ट्रेन संख्या 1479 से ये छात्र आज अपने परिजनों के पास पहुंचे। ट्रेन को देखते ही स्टेशन पर खड़े माता-पिता के चेहरे पर खुशी की झलक दिखी ।

बता दें कि ट्रेन से आए छात्रों में बेगूसराय के 383, बांका के 89, भागलपुर के 348, जमुई के 120, खगड़िया के 226, लखीसराय के 114, मुंगेर के 126, जबकि शेखपुरा के 73 रेलयात्री शामिल थे। सभी को अपने-अपने जिला अंतर्गत विभिन्न प्रखंडों में पहुंचाने के लिए कुल 61 बसों की व्यवस्था की गई थी। जिसमें बांका जिला के लिए चार बस, भागलपुर जिला के लिए 14 बस, बेगूसराय के लिए 16 बस, जमुई के लिए पांच बस, खगड़िया के लिए नौ बस, लखीसराय के लिए पांच बस, मुंगेर के लिए पांच बस एवं शेखपुरा जिला के लिए तीन बसों का इंतजाम किया गया है।

गौरतलब है कि छात्रों को उनके घर पहुंचाने के लिए  विपक्षी दलों के बढ़ते दबाव, एक अभिभावक के पटना हाईकोर्ट पहुंचने के बीच कोटा में बिहारी छात्रों ने गांधीवादी तरीके से अनशन शुरू कर दिया था। करीब सभी राजनीतिक दलों ने कोटा के नाम पर अपनी राजनीतिक  रोटी सेंकनी शुरू कर दी। कुछ लोग अपने प्रभाव के बल पर अपने वाहन से बच्चों को ले आए। इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने कोटा से बच्चों को बसों से लाने की घोषणा कर दी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संबंधित प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बच्चों को ले जाने का आग्रह किया। लेकिन बिहार सरकार ने नहीं माना।

इसके कारण एनडीए के कुछ नेताओं में नाराजगी हो गई।पूर्व सांसद पप्पू यादव, तेजस्वी यादव, प्रशांत किशोर एवं उपेंद्र कुशवाहा ने लगातार हमला जारी रखा। पड़ोसी राज्य झारखंड के मुख्यमंत्री ने कोटा से अपने लिए ट्रेन खुलवा दी। इसमें बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बाजी मार ली। सभी लोगों के प्रयास पर कोटा से बच्चों को लेकर बिहार के लिए सबसे पहली ट्रेन बरौनी (बेगूसराय) जंक्शन के लिए ही खुली।  दूसरी ट्रेन कोटा से गया के लिए चली। इसके बाद भी जब कोटा में बिहार के बहुत अधिक बच्चों के रहने की जानकारी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को मिली तो उन्होंने रेलमंत्री से पहल कर बरौनी के लिए एक और ट्रेन चलवा कर बच्चों को राहत दे दी है।

फिलहाल सारी कवायद के बीच बेगूसराय समेत खगड़िया, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई, मुंगेर, भागलपुर एवं बांका के छात्र-छात्राओं को लेकर ट्रेन सोमवार की सुबह बरौनी जंक्शन पहुंच गई। यहां कड़े प्रशासनिक बंदोबस्त के बीच बेगूसराय के सभी बच्चों की प्रखंड स्तर जांच पड़ताल कर  14 दिन के होम क्वारेन्टाइन में भेज दिया गया है।‌ अगले चौदह दिनों तक लगातार उनकी स्वास्थ्य निगरानी की जाएगी। इधर बरौनी आए अन्य जिलों के बच्चों को संबंधित जिले के लिए भेज दिया गया है।

सोमवार को अहले सुबह बरौनी जंक्शन पहुंचे मौसम, चांदनी, रश्मि, मुकेश, अमित समेत अन्य छात्र-छात्राओं का कहना है कि बिहार सरकार का इरादा हम बच्चों को वापस लाने का नहीं था।सरकार हमेशा कहती रही कि वहां संपन्न परिवार के बच्चे पढ़ने जाते हैं, इसलिए वहां कुछ नहीं दिक्कत होगी। लेकिन मेस बंद हो जाने, कोरोना संक्रमित मरीज बढ़ने के कारण पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था। तनाव के कारण नींद नहीं आने से डिप्रेशन के शिकार होने लगे।