हादसे से पहले फोन पर पत्नी से हुई थी पायलट की बात

जनादेश/देहरादून: केदारनाथ से दर्शन करने के बाद छह यात्रियों को लेकर गुप्तकाशी आ रहा आर्यन हेली कंपनी का हेलीकॉप्टर घने कोहरे के बीच पहाड़ी से टकराने के कारण मंगलवार को क्रैश हो गया था। बता दे कि हेलीपैड से टेकऑफ करते ही दो मिनट बाद यह हादसा हो गया। इस हादसे में पायलट सहित सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु राज्य के हैं। मृतकों में चार महिलाएं हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और पुलिस ने रेस्क्यू कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर के पायलट अनिल कुमार (57) निवासी महाराष्ट्र ने मंगलवार को हादसे से एक दिन पहले सोमवार को अपनी पत्नी से आखिरी बात हुई थी और इस बातचीत में उन्होंने अपनी बेटी के लिए चिंता जताई थी। ’मेरी बेटी का ख्याल रखना, वह अस्वस्थ है’, ये हेलीकॉप्टर पायलट अनिल सिंह के वे अंतिम शब्द थे, जो उन्होंने मंगलवार को उत्तराखंड में हुई दुर्घटना के एक दिन पहले अपनी पत्नी से कहे थे।
हालांकि खराब दृश्यता के कारण हुई दुर्घटना में वह छह तीर्थयात्रियों के साथ मारे गए। यह हेलीकॉप्टर तीर्थयात्रियों को लेकर केदारनाथ मंदिर से गुप्तकाशी जा रहा था। अनिल सिंह (57) मुंबई के अंधेरी उपनगर में एक हाउसिंग सोसायटी में रह रहे थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी शिरीन आनंदिता और बेटी फिरोजा सिंह हैं। आनंदिता अपनी बेटी के साथ अपने पति का अंतिम संस्कार करने नई दिल्ली पहुंचेंगी। उन्होंने बताया कि उनके पति की आखिरी कॉल बीते सोमवार को आई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि मेरी बेटी की तबीयत ठीक नहीं है। उन्होंने मुझे उसकी देखभाल करने के लिए कहा था।


आनंदिता पेशे से एक फिल्म लेखक हैं। वह मूल रूप से दिल्ली के शहादरा की रहने वाली हैं जबकि सिंह बीते 15 वर्ष से मुंबई में रह रहे थे। मंगलवार को महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु के छह यात्रियों ने केदारनाथ के दर्शन किए। दर्शन करने के बाद सभी को हेलीकॉप्टर से लौटना था। पूर्वाह्न लगभग 11 बजकर 34 मिनट पर आर्यन कंपनी के हेलीकॉप्टर ने छह यात्रियों को लेकर केदारनाथ से वापस गुप्तकाशी (मस्ता) के लिए उड़ान भरी लेकिन गरूड़चट्टी देवदर्शनी में घने कोहरे के बीच हेलीकॉप्टर के पायलट को सही दिशा नहीं दिखाई दी और 11 बजकर 36 मिनट पर हेलीकॉप्टर अचानक पहाड़ी से टकरा गया और क्रैश होकर जमीन पर जा गिरा।

हादसे में पायलट सहित सभी सात यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। हेलीकॉप्टर दो हिस्सों में टूट गया और एक हिस्सा धू-धूकर जलने लगा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि हादसे में हेलीकॉप्टर के पायलट अनिल कुमार (57) निवासी महाराष्ट्र सहित यात्री उर्वी बरार (25), कुर्ती बरार (30) व पूर्वा रामानुज (26) निवासी गुजरात, प्रेम कुमार वी (63), सुजाता (56) और कला (60) निवासी तमिलनाडु की मौके पर ही मौत हो गई। बताया कि सभी शवों को रेस्क्यू कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।