ज्ञानवापी मस्जिद में जुमे की नमाज़ पढ़ने आए लोगो से की गई वापस लौटने की अपील

जनादेश/वाराणसी: वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले में वजूखाना सील होने के बाद अंजुमन इनजानिया मस्जिद कमेटी ने हिन्दू और उर्दू में एक पत्र जारी कर मुस्लिम समुदाय से जुमे की नमाज के दौरान कम संख्या में नमाज अदा करने के लिए मस्जिद में आने की अपील करी है। इस संबंध में जिला प्रशासन के साथ पूर्व में हुई बैठक के बाद अपील की गई थी कि वजुखाना सील होने के कारण मस्जिद में अधिक लोगों का आना उचित नहीं होगा, जिस कारण ज्ञानवापी मस्जिद में जुमे की नमाज़ पढ़ने आये सभी अन्य लोगो को अपने-अपने क्षेत्र की अन्य मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा करें। वहीं मस्जिद कमेटी की ओर से स्वयंसेवकों को तैनात कर लोगों से अपनी स्थानीय मस्जिदों में वापस आकर नमाज पढ़ने का आह्वान भी किया।
वहीं जिला प्रशासन ने वजुखाना के अलावा ज्ञानवापी मस्जिद के गेट के पास वजू के लिए पानी की व्यवस्था की है। जिला प्रशासन ने अपनी पहल के तहत वजू जल की व्यवस्था की है।

जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर पानी और ढोल का पानी खींचने के लिए दो ड्रम रखे जाएंगे। वहीं जिलाधिकारी ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से शांति बनाए रखने में सहयोग करने का आह्वान किया। उर्दू और हिंदी में जारी इस पत्र के प्रकाशन के बाद से इस पत्र की काफी चर्चा हो रही है। इस लिहाज से संगठन की ओर से अपने मोहल्ले की मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा करने को लेकर चर्चा होती रही है। नमाज के लिए शुक्रवार को ज्ञानवापी मस्जिद में फिर से भीड़ जुटने की संभावना है। इस संबंध में सुबह पुलिस आयुक्त ने अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करी है। वहीं ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर देश में जारी हंगामे के बीच सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।

प्रदेश के कई इलाकों में जुमे की नमाज शुरू होने से लेकर उनके पूरा होने तक मस्जिदों में चौकसी बरतने के निर्देश की जानकारी प्रशासन तक पहुंच गई। मस्जिद में जाने वाली हर नमाज़ शुक्रवार को पेश की जाती है। वहीं, विश्वनाथ मंदिर के चार नंबर गेट से लोगों और प्रार्थनाओं को प्रवेश की अनुमति दी गई है। वहीं डीसीपी काशी आरएस गौतम भी सुरक्षा व्यवस्था को देखने पहुंचे। अंजुमन बंदोबस्त समिति के लोग भी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मौजूद थे क्योंकि वहां सामान्य दिनों की तुलना में अधिक लोग नमाज अदा कर रहे थे।