इजरायल के बाद अब इटली का कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा, इंसानों पर होगा प्रयोग

नई दिल्लीः दुनिया भर में जारी कोरोनावायरस महामारी संकट के बीच एक राहत की खबर सामने आयी है। कोरोना से सबसे प्रभावित देशों में से एक इटली ने कहा है कि उसने कोरोना की वैक्सीन बना ली है और जल्दी ही कोरोनावायरस को रोक दिया जायेगा। अरब न्यूज़ ने बताया कि दवा विकसित करने वाली फर्म  ताकीस  के सीईओ लुइगी औरिसिचियो  का कहना है कि उनकी कोरोना वायरस वैक्सीन ने पहली बार मानव कोशिकाओं में वायरस को बेअसर कर दिया है।

शोधकर्ताओं ने चूहों पर वैक्सीन का प्रयोग किया जिसमें सफलतापूर्वक एंटीबॉडी विकसित किया गया, जो कोशिकाओं को संक्रमित करने से वायरस को अवरुद्ध करता था।उन्होंने आगे पाया कि पांच टीकों ने बड़ी संख्या में एंटीबॉडी उत्पन्न किए और इनमें से दो को सर्वश्रेष्ठ परिणामों के साथ चुना गया।वर्तमान में विकसित किए जा रहे सभी वैक्सीन डीएनए प्रोटीन स्पाइक की आनुवंशिक सामग्री पर आधारित हैं, जो मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए कोरोना वायरस द्वारा उपयोग किए जाने वाले आणविक टिप है।

वहीं इससे पहले इजराइल और नीदरलैंड ने एंटीबॉडी बनाने का दावा किया है। गार्जियन अखबार के ऑनलाइन एडिशन के मुताबिक इन देशों का यदि ये दावा सही है तो इससे वैक्‍सीन तैयार करने में मदद मिल सकती है। ये इस लिहाज से भी काफी खास है क्‍योंकि पहले भी कई एंटीबॉडी से तैयार दवाओं ने खतरनाक वायरस या बैक्टीरिया का अंत किया है। कैंसर और इबोला के इलाज में प्रभावी कई दवाएं भी एंटीबॉडी से तैयार की गई थीं।

इजराइल ने कोरोना के खात्‍मे की वैक्‍सीन बनाने की दिशा में जिस बड़ी कामयाबी का दावा किया है उसको देश के नामी इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल रिसर्च (आईआईबीआर) की प्रयोगशाला में तैयार किया है। आईआईबीआर के दावे के मुताबिक लैब में तैयार किया गया एंटीबॉडी तैयार वायरस को खत्‍म करने के प्रयोग में सफल रहा है। इसका दावा खुद इजराइल के रक्षा मंत्री नफ्ताली बेनेट ने किया है। उनके मुताबिक, आईआईबीआर इसे पेटेंट कराने के साथ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करेगी। हालांकि उन्‍होंने ये नहीं बताया है कि इसका पशुओं और इंसानों पर परीक्षण किया गया है या नहीं।

वहीं दूसरी तरफ नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने जो एंटीबॉडी बनाया है उसको उट्रेच यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता बर्नेड जान बॉश की टीम द्वारा तैयार किया गया है। इस कृत्रिम एंटीबॉडी ने कोशिका में मौजूद वायरस को निष्क्रिय कर दिखाया। नीदरलैंड का भी दावा है कि इस सफल कदम से कोरोना की वैक्‍सीन बनाने में सफलता मिल सकती है। नीदरलैंड के वैज्ञानिकों का ये शोध जर्नल नेचर कम्यूनिकेशंस में प्रकाशित भी हुआ है। इसके अनुसार, 47डी11 नाम के एंटीबॉडी ने कोशिका में प्रोटीन का विस्फोट करने वाले स्पाइक प्रोटीन को निशाना बनाया। सार्स वायरस को निष्क्रिय करने के परीक्षण में भी यह खरा उतरा है।