आख़िर क्यों कार छोड़कर साइलेंसर चुरा रहे हैं यूपी के चोर

जनादेश/लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ में चोरों का एक ऐसा गैंग पकड़ा गया है जो कार की बजाए उसके साइलेंसर चुरा लेता था। बता दे कि कुछ मैकेनिकों ने मिलकर यह गैंग बनाया था। कार छोड़कर साइलेंसर चुराने वाले इस गैंग ने पुलिस को इसकी वजह बतायी। दरअसल, ये गैंग बाजार में करीब 175000 रुपये प्रति किलो बिकने वाली पैलेडियम धातु के लिए साइलेंसर चुराता था। इस धातु की कीमत जानने के बाद कार मैकेनिकों ने कार मरम्मत छोड़कर साइलेंसरों की चोरी शुरू कर दी। ऐसे 11 चोरों को मोहनलालगंज पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर साइलेंसर चोरी के काले कारनामे का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों से करीब चार लाख की पैलेडियम धातु मिली है। दिल्ली में बैठा खरीदार उन्हें बीस हजार रुपये प्रति किलोग्राम में खरीद लेता था। हालांकि एक ही मॉडल की कई कारों की चोरी से बढ़ा शक एडीसीपी दक्षिण मनीषा सिंह ने बताया कि मोहनलालगंज, तालकटोरा और सआदतगंज में एक बड़ी कंपनी के मॉडल ईको के साइलेंसर चोरी होने लगीं। चोर कार छोड़ कर सिर्फ साइलेंसर ले गए। सीसी फुटेज में एक कार से चोर जाते नजर आए थे।

गुरुवार मोहनलालगंज टिकरासानी निवासी राहुल, मऊ निवासी सूरज सिंह, उत्तरगांव निवासी भगवती प्रसाद, आशीष सिंह, फत्तेखेड़ा निवासी सैफ, हरकंशगढी निवासी अजरुद्दीन, रुचिखण्ड निवासी सुमित, आशियाना निवासी श्याम उर्फ गोलू, संजू दीक्षित, शिवा सिंह, सरोजनी नगर निवासी फहीम खान को पकड़ा गया है। बता दे कि इंस्पेक्टर कुलदीप दुबे ने बताया कि अजरुद्दी, सूरज, सुमित चौधरी और फहीम खान कार मैकेनिक हैं। इनके जिम्मे कार में लगे साइलेंसर खोलना है। राहुल, आशीष, भगवती प्रसाद और संजू दीक्षित ड्राइवर हैं। जो ईको चिह्नित कर जानकारी देते हैं। आरोपी पैलेडियम दिल्ली निवासी अली को बेचते हैं, जो हर माह दो बार लखनऊ आता है। अजरुद्दीन, सुमित चौधरी निकाली पैलेडियम बेचते हैं। अजरुद्दीन ने पुलिस को बताया कि कार सर्विस सेंटरों पर काम करने वाले कारीगरों से भी वह लोग सम्पर्क में रहते हैं। जो कहने पर पैलेडियम निकाल कर साइलेंसर दोबारा से गाड़ी में बांध देते हैं। कारीगर होने से इन्हें साइलेंसर खोलने में 8-10 मिनट लगते थे।