तेजस एक्सप्रेस के 400 यात्रियों को मिलेगी 40 हजार की क्षतिपूर्ति

जनादेश/कानपुर: लखनऊ से दिल्ली तक वाया कानपुर संचालित निजी क्षेत्र की ट्रेन तेजस एक्सप्रेस के यात्रियों को असुविधा के लिए 40 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा। ट्रेन संचालित करने वाली कंपनी की ओर से यह राशि संबंधित यात्रियों के बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी।

दिल्ली से लखनऊ और लखनऊ से दिल्ली के बीच निजी क्षेत्र की ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है। अत्याधुनक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन में फ्लाइट की तरह हॉस्टेस सर्विस भी दी जा रही है। यात्रियाें की सुविधा को लेकर निजी क्षेत्र की इस ट्रेन में खास ध्यान रखा जाता है। इसके चलते कई नियम भी बनाए गए हैं और इसमें से एक ट्रेन लेट होने पर क्षतिपूर्ति देने का भी है।

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आइआरसीटीसी) के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि तेजस देश की पहली प्राइवेट सेक्टर की ट्रेन है, जो नियमानुसार एक घंटे से अधिक समय तक लेट होने पर 100 रुपये व दो घंटे से अधिक समय की देरी पर प्रत्येक यात्री को 250 रुपये क्षतिपूर्ति देती है।

दरअसल, बीते शुक्रवार को वर्षा के अधिक होने के कारण लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर मानक नगर के पास ट्रैक पर जलभराव हो गया था। इस वजह से तेजस एक्सप्रेस ट्रेन अपने निर्धारित समय से डेढ़ घंटे देरी से सेंट्रल स्टेशन पहुंची थी। इसलिए लखनऊ से वाया कानपुर होकर दिल्ली जाने वाले 400 से अधिक यात्रियों को क्षतिपूर्ति के रूप में रुपये दिए जाएंगे। ट्रेन करीब डेढ़ घंटा लेट हुई थी, ऐसे में प्रति यात्री 100 रुपये क्षतिपूर्ति दिने जाने की उम्मीद है।

आइआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि क्षतिपूर्ति पाने के लिए यात्रियों को आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के एक सप्ताह के अंदर ही उनके बैंक खाते में क्षतिपूर्ति के तहत निर्धारित धनराशि भेज दी जाएगी।