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कांग्रेस की बसें और UP सरकार के कानूनी पेच में फंसे मजदूर, अभी भी पैदल चलने को मजबूर

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लखनऊः देश में लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरो का बूरा हाल है। लोग पैदल चलने को मजबूर है। यूपी के मजदूर कांग्रेस और योगी सरकार के बीच पिस रहे है। उत्तर प्रदेश में प्रवासी श्रमिक-कामगारों के लिए बस मुहैया कराने के प्रस्ताव से शुरू हुई सियासत ने दिल्ली तक हंगामा खड़ा कर दिया है। लेकिन विवाद थम नहीं रहा है। बसें होने के बावजूद भी मजदूर पैदल चलने को मजबूर है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को कांग्रेस द्वारा उपलब्ध कराई गई एक हजार बसों की सूची पर विवाद खड़ा होने के बाद पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने जांच में सही पाई गई 879 बसों के लिए अनुमति मांगी है। साथ ही दो सौ बसों नई सूची बुधवार तक सरकार को उपलब्ध कराने की बात कही है।  वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार की घेराबंदी के प्रयास में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता भी दिल्ली में सामने आ गए और पार्टी का पक्ष रखने के साथ योगी सरकार पर संवेदनहीनता के आरोप लगाए।

कांग्रेस द्वारा दी गई तमाम बसों के नंबर गलत मिलने, अनफिट पाए जाने आदि के बाद प्रियंका ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- उप्र सरकार का खुद का बयान है कि हमारी 1049 बसों में से 879 बसें जांच में सही पाई गईं। ऊंचा नगला बॉर्डर पर आपके प्रशासन ने हमारी 500 से ज्यादा बसों को घंटों से रोक रखा है। इधर, दिल्ली बॉर्डर पर भी 300 से ज्यादा बसें पहुंच रही हैं। कृपया इन 879 बसों को तो चलने दीजिए। हम आपको कल 200 बसों की नई सूची दिलाकर बसें उपलब्ध करा देंगे। बेशक, आप इस सूची की भी जांच कीजिएगा। लोग बहुत कष्ट में हैं। दुखी हैं। हम और देर नहीं कर सकते।

वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बसें यूपी की सीमा पर खड़ी हैं, जिन्हें प्रशासन अंदर नहीं घुसने दे रहा है। दूसरी ओर, यूपी सरकार ने कहा कि कांग्रेस की सूची में ऑटो, एबुंलेंस, ट्रक और निजी कार के नंबर हैं, इस पर कांग्रेस ने मौके पर आकर बसें देखने की चुनौती दी। इन सब के बीच बेबस मजदूर पैदल घर जाने को मजबूर हैं।

दरअसल, 16 मई को प्रियंका गांधी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मजदूरों की वापसी के लिए 1000 बस देने की पेशकश की थी। इस पर 18 मई को अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने मंजूरी देते हुए बसों की लिस्ट मांगी और साथ ही बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट का पेच भी फंसा दिया। इसके बाद चिट्ठियों का सिलसिला शुरू हो गया है।

मंगलवार को प्रियंका गांधी और योगी सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि उनकी बसें आगरा के नजदीक बॉर्डर पर खड़ी हैं लेकिन जिला प्रशासन उन्हें अंदर दाखिल होने की इजाजत नहीं दे रहा है। मौके पर यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी मौजूद थे। इस दौरान जमकर पुलिस के साथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की नोकझोंक हुई। यूपी पुलिस ने अजय कुमार लल्लू को हिरासत में ले लिया।

योगी सरकार की ओर से कई नेताओं ने बयान देते हुए कहा कि 879 बसों में भी कई ऐसे वाहन हैं, जिनमें अलग-अलग खामियां हैं. इनमें 79 गाड़ियों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है। यही नहीं, 140 गाड़ियों का तो बीमा खत्म हो चुका है। उधर, 78 गाड़ियों की फिटनेस और बीमा दोनों खत्म हो गया है। ऐसे में खामियों वाली कुल गाड़ियों की संख्या 297 है।

वहीं, इस सियासी घमासान के बीच बसों की गलत जानकारी देने के लिए लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईपीसी की धारा 420/467/468 के तहत प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

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