Breaking News अपराध देश नई दिल्ली राज्य होम

निर्भया के दोषियों की याचिका खारिज,फांसी से बचने के लिए बचा एक ही विकल्प

52 12 Views
FB_IMG_1539317565939~2
IMG-20200101-WA0008
Ansh
Ansh2

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दो दोषियों विनय कुमार शर्मा और मुकेश सिंह की क्यूरेटिव पेटिशन (सुधारात्मक याचिका) मंगलवार को सुनवाई के दौरान खारिज कर दी। इसी के साथ कोर्ट ने उनकी वह याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें दोनों दोषियों ने फांसी की सजा पर रोक लगाने की मांग की थी। अब दोषियों के पास फांसी से बचने के लिए सिर्फ एक ही विकल्प बचा है। कि राष्टपति के पास याचिका दायर कर रहे है। 

बता दें कि निर्भया के दो दोषियों मुकेश सिंह और विनय कुमार शर्मा ने  पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा 22 जनवरी को फांसी देने का डेथ वॉरंट जारी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। आरोपियों ने अपनी क्यूरेटिव पिटिशन में अपनी युवावस्था का हवाला दिया था। जिसे जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस आर भानुमती और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच दोनों दोषियों की क्यूरेटिव पिटिशन खारिज कर दिया।

ऐसे में डेथ वारंट जारी होने के बाद आगामी 22 जनवरी को दोनों की फांसी पर चढ़ाने का रास्ता साफ हो गया। अब इन दोनों मुकेश सिंह और विनय कुमार शर्मा के पास फांसी से बचने के लिए सिर्फ एक ही विकल्प बचा है- वह राष्ट्रपति पास दया याचिका दायर करने का विकल्प। बता दें कि इनमें से विनय कुमार शर्मा की दया याचिका राष्ट्रपति के लंबित है, जिस पर कभी भी फैसला आ सकता है।

यहां पर बता दें कि किसी भी दोषी के पास फांसी की सजा मिलने के बाद कुल तीन विकल्प होते हैं। पहला पुनर्विचार याचिका, दूसरा क्यूरेटिव पेटिशन और तीसरा और अंतिम विकल्प होता है- राष्ट्रपति के पास दया याचिका।  अब दोषियों के पास महज एक विकल्प बचा है।

गौरतलब है कि 7 जनवरी को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के माता-पिता की याचिका पर अहम फैसला देते हुए 22 जनवरी की सुबह 7 बजे चारों दोषियों को तिहाड़ जेल में मौत होने तक फांसी के फंदे पर लटकाने के आदेश के तहत डेथ वारंट जारी किया था।

 

 

IMG-20190709-WA0001
IMG-20200118-WA0019