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विरवट बाजार में विदेश से शव पहुंचने पर मचा कोहराम

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उचकागांव (गोपालगंज) थाना क्षेत्र के विरवट बाजार गांव में 40 वर्षिय अधेड़ व्यक्ति का शव पहुंचने के बाद गांव में कोहराम मच गया। इस दौरान अधेड़ के परिजनों एवं शुभचिंतकों का रो रो कर बुरा हाल था। बताया जा रहा है कि उचकागांव थाना क्षेत्र के विरवट बाजार गांव निवासी स्वर्गीय इंद्रदेव राम के 40 वर्षीय बेटे सुरेंद्र राम पूर्व से ही विदेश मे रहकर कारपेंटर का काम करते थे। दो वर्ष पूर्व अपनी बड़ी बेटी रिंपू कुमारी की शादी करने के लिए घर आए हुए थे। वही बेटी की शादी करने के बाद घर पर दो वर्ष रहकर 6 माह पूर्व दुबई के एरोजन डिको कंपनी में एजेंट के माध्यम से कारपेंटर के काम पर गए हुए थे।परंतु कंपनी में उन्हें पाइप फिटर का काम पर लगा दिया गया। इसी दौरान 28 सितंबर के दिन कंपनी के बहुमंजिली इमारत में काम करने के दौरान अनियंत्रित होकर गिरने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों का मृतक के शव को देखने के लिए काफी परेशान थे। इस दौरान बुधवार के दिन विदेश से मृतक सुरेंद्र राम का शव पहुंचने के बाद घर पर कोहराम मच गया। पत्नी श्रीकांति देवी, बड़ी बेटी रिंपू कुमारी, छोटी बेटी रिंकू कुमारी और बेटा विवेक कुमार का रो रो कर बुरा हाल था। पत्नी इस चिंता में रो बिलख कर बार बार अचेत हो जा रही थी कि अब छोटी बेटी रिंकू कुमारी और 12 वर्षीय बेटे विवेक कुमार की परवरिश के साथ साथ छोटी बेटी के हाथ पीला कैसे होगा।बताया जा रहा है कि मृतक सुरेंद्र राम द्वारा बड़ी बेटी रिंपू कुमारी का विवाह 2 वर्ष पूर्व ही गोपालगंज जिले के मानिकपुर में कर दिया गया था। जबकि छोटी बेटी अभी रिंकू कुमारी समीप के जगरनाथा मध्य विद्यालय में आठवीं क्लास में पढ़ती है जबकि 12 वर्षीय बेटा विवेक कुमार जगरनाथा के एक निजी स्कूल में कक्षा 5 का छात्र बताया जा रहा है। शव पहुंचने के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ था। ग्रामीण एवं शुभचिंतक पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे हुए थे।

👉वीजा लगाने में भी एजेंट द्वारा किया गया था फर्जीवाड़ा। 

उचकागांव (गोपालगंज) प्रखंड के विरवट बाजार निवासी मृतक सुरेंद्र राम के दुबई स्थित विदेश जाने के लिए लगाए गए वीजा में भी एजेंट द्वारा फर्जीवाड़ा करने का आरोप परिजनों द्वारा लगाया जा रहा था। मामले में मृतक सुरेंद्र राम की पत्नी श्रीकांति देवी और छोटी बेटी रिंकू कुमारी की माने तो मृतक सुरेंद्र राम पूर्व से ही कारपेंटर का काम करते थे। इसके पूर्व में भी 2 साल पूर्व जब विदेश में थे तो उनके द्वारा कारपेंटर का काम किया जा रहा था। जबकि 6 माह पूर्व विदेश जाने से पूर्व एजेंट द्वारा उन्हें कंपनी में कारपेंटर का काम दिलाने के नाम पर पैसा लेकर वीजा दिलाया गया था। जबकि विदेश जाने के बाद उन्हें बहुमंजिली इमारत में पाइप फिटर का काम सौंप दिया गया। जहां काम करने के दौरान 28 सितंबर के दिन कंपनी के बहुमंजिली इमारत से गिरने से मौत हो गई।