जरा हटके

एक साल तक पैरालाइज से लड़कर मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड के शिखर पर पहुंची हिना।

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*नारी शक्ति को सलाम।
राज्य ब्यूरो/राजेन्द्र चौहान

एक साल तक पैरालाइज से लड़कर मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड के शिखर पर पहुंची हिना।
मन में ठानने वाली पिता की बेटी हर सपने के पहुंच सकती है करीब।

नई दिल्ली। माँ-बहु व एक बेटी एक साल तक पैरालाइज से लड़कर मिसेज इंडिया(वल्र्ड वाइड) के शिखर पर पहुंचना व बेस्ट ब्यूटी ऑइकान-२०१९ का खिताब जितना महिला व बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा है। पटना में जन्मी व बीसीए, एम, बीए की पढाई करने वाली हिना कोैसर की। जिसने अपने आप को बचपन से ही कला के क्षेत्र में खासतौर पर पेंटिग, सिलाई, कढाई व डांस के क्षेत्र में स्थापित किया। हालाकिं इनके पिता का सपना बेटी का डॉक्टर बनाना था लेकिन बेटी के जहन में कुछ अलग ही कुछ हटकर- डटकर चलने की थी। समय बीता व समय के साथ शादी के बाद वह एक बहु माँ के रूप में जीवन के दूसरे पड़ाव पर पहुंची। हालाकिं एमबीए के बाद उन्होने मैट्रो रेल कॉप्रोजेक्ट में एचआर प्रोफेशनल के रूप में ज्वाइंन किया। इनके पति भी मैट्रो रेल में ही सेवारत हैं। पहले दिल्ली व वर्तमान में कलकत्ता मैट्रो रेल में अपनी सेंवाए सुचारू की हुई हैं।
इसके बाद हिना कोैसर एक बहुत बडे हादसे से गुजरी। इनको क्या किसी को नहीं लग रहा था कि वो अब जीवन में सामन्य हो पाएगीं। लेकिन इस बेटी व बहु के मन में चुनौतियों से लडऩे की अथाह शक्ति व ताकत थी कि शरीर का एक हिस्सा हैड टू टॉय पूरा लकवे से ग्रस्त हो गया था। इस बेटी ने डॉक्टरों की तरफ से जवाब देने के बावजूद हि मत नहीं हारी और कुछ दिंव्यांग लोगों को देखा और उनसे प्रेरणा ली कि कम से कम वे इतना तो अवश्य कर पाएं कि खुद खाना अपने हाथ से खा पाऊं। बेटी की विलपॉवर देखिए कि एक साल तक जबरदस्त कोशिश करने के बाद आखिरकार मेहनत रंग लाई। हाथ व नेक कुछ मोमेंट करने लगा। इसके बाद बेटी ने पीछे मुडकर नहीं देखा। इस हादसे से निलकर क्लासिकल भारतनाट्यम् डांसर के रूप में एक इंट्रनेशनल लेवल पर खुद को स्थापित किया। यहि नहीं सौंदर्य प्रतियोगिता में मिसेज इंडिया फाइनलिस्ट भी बनी। आमतौर पर आदमी लकवे के शिकार के बाद समझता है कि वह किसी दूसरे पर आङ्घिात हो गया है। पूरी जिंदगी बिना सहारे के नहीं बीत पाएगी। इस बेटी के हौसले को देखिए कि बॉडी में एक मेंटल ओर चार स्क्रूर्स हैं। वह खुद को कमजोर न समझकर एक साधारण इंसान से ज्यादा मेहनत करती हैं।
हिना कोसर का कहना है कि उन्होने बचपन में जो वाब देखे थे। अब वे धीरे-धीरे पूरे करने में जुटी हुई है। यहि नहीं चार वर्षीय बेटी को भी कल्च्रर प्रोग्राम में शामिल कर आगे बढ़ाने का काम कर रही है। वे चाहती हैं कि एक आर्दश माँ के रूप में स्थापित हों जिसपर बेटी गर्व कर सके। हाल ही में हिना कौसर को बेस्ट ब्यूटी ऑइकान-२०१९ का शेरा शिकृति अवार्ड नित्यांजलि डांस अकेडमी की तरफ से स मानित भी किया गया है। अभी वे सौंदर्य प्रतियोंगिता में मिसेज इंडिया वल्र्ड वाइड की फाइनलिस्ट हैं। जिसका ऑडिशन कोलकत्ता में १९ जनवरी २०१९ को हुआ था जिसमें १५ देशों की २५००० भारतीय नारी ने हिस्सा लिया था। जिसमें १७२ का चयन किया गया। अब फाइनल अक्टूबर २०१९ में यूरोप में है। अब हिना कौसर खुद को फिनाले तक पहुंचने के लिए विकली सोशल मीडिया टास्क के माध्यम से फोटोसूट व अन्य गतिविधियों के तहत परफॉरमेंस को मोनिटर किया जा रहा है।
*बाक्स:* हिना कौसर के मम्मी-पापा आर्दश रहें हैं। पिता से उन्होने सिखा है कि मुश्बित में डटे रहना, कभी हिम्मत नहीं हारना, मेरे पापा नेमातुल्ला अंसारी सरकारी सिविल इंजनियर रहें थे। वे भले ही छोडकर चले गए लेकिन उनकी दुआ मुझे आगे बढने के लिए प्रेरित करती रहती है।

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