Breaking News

साहित्य, कला और संस्कृति को समर्पित एक राष्ट्रीय संस्था ‘आगमन’ का सिवान में पदार्पण

86 00 Views

 

साहित्य, कला और संस्कृति को समर्पित एक राष्ट्रीय संस्था ‘आगमन’ का सिवान में पदार्पण साहित्य और कला उत्सव बिहार की एक उल्लेखनीय सांस्कृतिक घटना है। इस मौके पर देश भर के नवोदित, उदीयमान तथा स्थापित कवि एवं कवयित्रियों का एक सम्मेलन के साथ -साथ साहित्यिक प्रतिभा से सम्पन्न बच्चों की कुछ बेहतरीन प्रस्तुतियां हुईं। ‘आगमन’ अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जैन के नेतृत्व में देश के कोने-कोने में घूम-घूमकर और प्रतिभाओं को संगठित कर साहित्य, कला और संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने की अथक कोशिशें कर रहा है। दिल्ली से शुरू हुआ यह छोटा-सा अभियान अब एक सांस्कृतिक आंदोलन की शक्ल ले चुका है।

आज आगमन का सिवान में पदार्पण हुआ जिसके उपलक्ष्य में सिवान के माध्यमिक शिक्षक संघ भवन में देश भर के नामचीना शायरऔर कवयित्रीयों ने शिरकत की । कई उर्दू और हिंदी रचनाकार एक मंच पर एकत्र हुए। जिनमें सिवान के नामचीन शायर सुनील कुमार “तंग इनायत पुरी, मशहूर शायर समीर परिमल, कवयित्री डाॅ निलम श्रीवास्तव, आरती आलोक वर्मा ,ऐनुल बरौली, के गजलों के अलावा बाल कवयित्री जूही,सोनाक्षी परी वर्मा की कविताओं का शानदार प्रस्तुतिकरण हुआ साथ ही सरस्वती क्लासेज के बच्चों द्वारा सरस्वती वन्दना, कजरी सह और भी सुमधुर गीतों की प्रस्तुति हुई ।

जनादेश अख़बार का अपने हॉकर से मांग करे !

साहित्य एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में कार्य करने वाली कम समय में बिहार में अपना प्रभाव स्थापित करने वाली ” आगमन ”
पहली संस्था है ।विशेष रूप से इस समारोह के लिये दिल्ली से आए आगमन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पवन जैन की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन के बाद सरस्वती वन्दना के साथ हुआ । कार्यक्रम का उद्घाटन शहर की जानी मानी स्त्री रोग विशेज्ञ संगीता चौधरी ने कि।