20 दिसंबर 2017 गोपालगंज के लिए काली थी रात

  *  20 दिसंबर को सासामुसा चीनी मिल मे हुआ था हादसा

गोपालगंज:– 20 दिसंबर2017 को सासामुसा चीनी मिल सासामुसा गोपालगंज मे हादसा हुआ था हादसे की वह काली रात जिसमे मेैने अपने को खोया उसके बाद भयावह वह रात कितने परिवारो को बर्बाद कर दिया रात से ही कोहराम मचा सुबह कुछ के ना समझी के कारण अफरातफरी की माहौल साम तक बना रहा सारे लोग विवस लाचार नजर आ रहे थे। चाहे पुलिस हो प्रशासन हो या किसान मजदूर बुद्धिजीवी व्यवसायी वर्ग सबके सब मुकदर्शक बने हुए थे उसके बाद कोई किसी को पूछने वाला जानने वाला नही था। दो दिन बिता कुछ छोटे किसान मजदूरों ने चर्चा किया फिर गंडक दियारा संघर्ष समिति के संयोजक अनिल कुमार माँझी के नेतृत्व को याद किया एक बैठक 24 दिसंबर 2017 को खेममटिहनिया हुई उसके बाद 25 दिसंबर को सासामुसा चीनी मिल पर सैकडो किसान मजदूरों के साथ बैठक किया धरना किया फिर गन्ना मंत्री की गोपालगंज मे घेराव किया गया कर 29 दिसंबर को धरना मिल गेट पर किया गया इसी बिच 22 दिसंबर को मिल मालिक व बेटो की गिरफ्तारी हो गई 2जनवरी 2018 को गोपालगंज जिला मुख्यालय पर बिशाल प्रदर्शन किशानो मजदूरों की गंडक दियारा संघर्ष समिति के नेतृत्व मे हुआ जिसमे प्रशासन ने दबाव मे आकर मिल मालिक को रिहा कर दिया उसके बाद 5जनवरी 2018   को मिटींग 10 जनवरी से किसान मजदूर सत्याग्रह मिल गेट पर अनिश्चित काल के लिए अनिल कुमार माँझी संयोजक गंडक दियारा संघर्ष समिति के नेतृत्व मे शुरू हो गया की जबतक मिल पुनः चालू नही होता है ।

तबतक सत्याग्रह चलता रहे गा लगातार सत्याग्रह चलता रहा सरकारी महकमा कुछ नही सुना उसके बाद 27 जनवरी 2018 से आमरण अनशन सत्याग्रह शुरू किया गया  स्वयं अनिल कुमार माँझी कुछ सहयोगीयो के साथ बैठ गये 25 जनवरी 2018 को उच्च पथ 28 को सांकेतिक रूप से बंदकर चेतावनी दी गई  31जनवरी 2018को पुनः बंद कर किसान मजदूर बुद्धिजीवी व्यवसायी वर्ग सबके सब राष्टीय उच्च पथ28 पर सत्याग्रह पर बैठ गये जिससे पुरा रोड जाम मे तबदील हो गया सैकडो किलोमीटर मे जाम लग गयी  प्रशासन को भारी मश्कत करना पडा तब जाकर समझौता पर रात के 11बजे सत्याग्रह आमरण अनशन सत्याग्रह समाप्त हुआ  फिर 1फरवरी2018 को जिला प्रशासन जिलाधिकारी से वार्ता सकारात्मक हुई  फिर पटना गन्ना मंत्री को साथ बैठक हुई लगातार मिल मालिक से संपर्क कर प्रयास किया जाते रहा गया कितनी बार उतार चढाव हुआ अंततः मिल मालिक स्वयं तैयारी कर 14दिसंबर 2018 को पुनः सासामुसा मिल चालू हो गया काफी खुशी हुई खुशी से ज्यादा  गम हुई अपने को खोने पर अब हम सबका प्रयास रहे कि गमजदा  परिवारो की आंसू  पोछने की उन्हें  मुआवजा दिलाने की। गंडक दियारा संघर्ष समिति घटना मे मरे साथियों को याद कर पुष्पांजलि करती हैं  एंव परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करती हैं।