हरसिमरत ने 84 दंगों के लिए गांधी परिवार पर कार्रवाई की मांग की

सज्जन कुमार के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और दलजीत सिंह चीमा के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कांग्रेस द्वारा बंद कराए गए पुराने मामलों को फिर से खुलवाने और विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा नए सिरे से जांच कराने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले के कारण ही यह संभव हो पाया।

हरसिमरत ने कहा कि फैसले से न केवल सज्जन कुमार बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी कठघरे में आई है। उन्होंने कहा , “अब अदालत ने साफ कर दिया है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण 1984 पीड़ितों को न्याय नहीं मिला। अब संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, 1984 नरसंहार मामले में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सहयोगी के रूप में उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ की जानी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “इसी तरह राहुल गांधी को भी लोगों को बताना चाहिए कि उन्होंने महीनों पहले झूठ क्यों बोला था कि कांग्रेस पार्टी की 1984 नरसंहार में कोई भूमिका नहीं है।”

सज्जन कुमार के खिलाफ सोमवार को आए फैसले को पीड़ितों की लिए उम्मीद बताते हुए हरसिमरत कौर बादल ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि जगदीश टाइटलर और कमलनाथ को भी जल्द उनके किए का दंड मिलेगा।”

उन्होंने ‘कांग्रेस द्वारा कमलनाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाकर उन्हें संरक्षण देने की’ निंदा की। उन्होंने इस ‘ऐतिहासिक फैसले’ के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे न्यायिक प्रक्रिया में लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।

उन्होंने चिन्हित किया, “अकाली दल ने 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने यह मुद्दा उठाया था और एसआईटी बनाई गई थी, जिसने पुराने मामले फिर से खोले और 1984 के एक मामले में दो आरोपियों नरेश यादव और यशपाल को दोषी ठहराया गया।”

मजीठिया ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अदालत में सज्जन कुमार का बचाव वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल द्वारा किया गया।

हरसिमरत कौर बादल के छोटे भाई मजीठिया ने कहा, “गांधी परिवार के निजी हस्तक्षेप से ही ऐसा होना मुमकिन है।”