ऑनलाईन गेमिंग की ओर अग्रसर होता देश-धनंजय कुमार

जनादेश/पटनाः अधिकांश हमने देखा हैं कि फिल्मों और धारावाहिकों में काल्पनिक यानि कि आभासी दुनिया में ले जाया जाता है। वो ख्वाब जो कभी पूरे नहीं हो सकते वे इनमें डिसक्लेमर के साथ पूरे होते हुए दिखाए जाते है। हम उन्हें खुशी-खुशी देखते भी हैं। क्योंकि हमें इन ख्वाबों को देखना अच्छा ही नहीं लगता […]

राजनीति के गिरते स्तर का समाज पर पड़ता प्रभाव…..!

जनादेश/ अदिल पाशा/ देहरादूनः आज के समय मे राजनीति का नाम आते है लोगो के मन मे एक अजीब सा प्रश्न उठने लगता है कि राजनीति सिर्फ लोगो को एक दूसरे से लडाने एक मजहब को दूसरे मजहब से लडाने लिए इस्तेमाल किया जाता है।इसलिए आज के समय मे नेताओ से लोगो को अपेक्षा भी […]

हिंदी पट्टी की सत्ता-राजनीति में गैंगस्टरों का बोलबाला

जनादेश/नई दिल्लीः हाल के दिनों में मिर्जापुर, भौकाल, पाताललोक, रक्तांचल जैसी कई ऐसी रोमांचक वेबसीरीज आई हैं, जिनमें माफिया डॉन और गैंगस्टरों के कारनामे और खूनी खेल दिखाए गए हैं। हिंदी पट्टी खासकर उत्तर प्रदेश के विशाल भूभाग में 1960 का दशक दस्यु और डकैतों के आतंक का दौर था लेकिन धीरे धीरे उनकी जगह […]

बढ़ते एनकाउंटर, क्या टूट रहा है अदालती भरोसा!

जनादेश/नई दिल्लीः  जब से कुख्यात विकास दुबे ने अपने साथियों  के साथ मिलकर आठ पुलिस कर्मियों की हत्या की है तब से एक सप्ताह के अंदर कुख्यात विकास दुबे समेत उक्त सामूहिक पुलिस हत्याकांड के 6 आरोपियों को अलग अलग मुठभेड़ दिखाकर पुलिस द्वारा मार डाला गया. सभी मुठभेड़ों में लगभग एक जैसी ही कहानी दर्शाई […]

यह समय अवसाद का नहीं, बल्कि अभ्युदय का है…

अभय कुमार/ प्रकृति में कभी भी कुछ भी पीछे नहीं जाता. बीज एक बार उगने के बाद पेड़ ही बनता है कभी छोटा नहीं होता भले ही सूख जाए. नदी एक बार आगे बढ़ने के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखती, हवा बहती है तो बस आगे ही आगे जाती है, फूल खिलते हैं तो […]

मोदी का स्वदेशी भाव,क्या चीन से होगा दुर्भाव ?

अभय कुमार / कोरोना के वैश्विक आपदा काल में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी  ने अपने देश के लिए एक नया नारा दिया –आत्मनिर्भरता का। आत्म निर्भर भारत अभियान की शुरुआत की.उस भावना की पुरजोर वकालत की.परन्तु उस नारे में नया क्या है? ये तो सबको पता है.पर प्रधानमंत्री मोदी को क्या हो गया […]

‘स्वदेशी’ में पगी ‘आत्मनिर्भरता’ और कुछ सवाल…

पंकज कुमार/ कोरोना की मार से बेहाल देश की अर्थव्यवस्था में फिर से जान डालने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस 20 लाख करोड़ के महापैकेज का ऐलान और देश को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया, उसकी अलग-अलग  व्याख्या हो रही है. मोदी की आत्मनिर्भरता की बात को स्वदेशी के आईने में देखा गया […]

कोरोना वायरस में आर्थिक चिंतन

शशि कुमार सिंहः कोरोना वायरस (COVID-19) एक ऐसी बीमारी है, जो संक्रमण से फैलती है। इस बीमारी के जो लक्षण बताए गये हैं— खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, जो लगभग लोग जानते ही हैं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में कोई भी आता है तो उसे भी यह बीमारी हो जाती है। डॉक्टरों का कहना […]

रोटी, कपड़ा, मकान और मोबाइल रिचार्ज दे दें सरकारें, तो प्रवासी श्रमिक कहीं नहीं जाएँगे

नई दिल्लीः पूरे देश में एक अहम प्रश्न चल रहा है कि विभिन्न महानगरों में बसे प्रवासी मजदूरों को किस प्रकार उनके गृह राज्यों में वापिस भेजा जाये। कुछ राज्यों से हजारों बसों और दसियों रेलगाड़ी से मजदूर घर वापिस भेजे भी जा रहे हैं।प्रवासी श्रमिकों का प्रश्न देश की व्यवस्था के लिये मात्र सिरदर्द […]

मजदूरों का पलायन रोकने में क्यों नाकाम है भारत

ऩई दिल्लीः भारत में लॉकडाउन शुरू होने के हफ्तों बाद प्रवासी मजदूर घर वापस लौटने लगे हैं. उनके इन दिनों में जो अनुभव रहे हैं उनकी वजह से शायद ही वे जल्द काम पर लौटना चाहें. उनके अपने प्रदेशों में उनके भविष्य की कोई योजना नहीं है. कोरोना महामारी के फैलाव और लॉकडाउन की लंबी […]