भोरे थानाध्यक्ष पर लगे गम्भीर आरोप , कंस्ट्रक्शन कंपनी के एमडी ने थानाध्यक्ष पर एक लाख रुपए रिश्वत लेने का लगाया आरोप

गोपालगंज:— जिले के भोरे थानाध्यक्ष द्वारा एक लाख रूपये रिश्वत लेकर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के एमडी को हाजत से छोड़ने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है कि पुलिस ने उसे शराब पीने के आरोप में नयी बोलेरो गाड़ी के साथ पकड़ा था. लेकिन मेडिकल जांच में शराब पीने की पुष्टि नहीं होने के बाद थाने से छोड़ने के एवज में एक लाख रूपए लिये गये. इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस मामले को लेकर एमडी ने बिहार प्रदेश के डीजीपी, सारण प्रक्षेत्र के डीआईजी, गोपालगंज के एसपी और डीएम के पास ई मेल के माध्यम से शिकायत की है. जिसमें  पीडित ने भोरे थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह पर ज्यादती करने का आरोप लगाया है. भोरे थाना क्षेत्र के  हुस्सेपुर उपध्याय टोला निवासी तथा पटना में संचालित एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशक प्रवीण कुमार उपाध्याय रविवार की देर शाम भोरे बाजार के खजुरहां में स्थित ब्लू एंजल ऑर्केस्ट्रा के कार्यालय मुंडन के लिए बुकिंग कराने गये थे.  वीडियो में उन्होंने कहा है कि मैं अभी वहां बैठा ही था कि तभी ब्लू एंजल आर्केष्ट्रा के कार्यालय में पुलिस का रेड पड़ गया. पुलिस मेरे लाख सफाई के बाद भी मुङो यह कह कर पकड़ ली कि आप शराब पी रहे थे. साथ ही मेरी नयी बोलेरो गाडी भी ले आयी. गाड़ी को दस दिनों पूर्व ही खरीदा गया था. पुलिस द्वारा प्रवीण उपाध्याय का मेडिकल भी कराया गया. लेकिन शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई. इसके बाद भी थाने में गाड़ी के साथ उन्हें भी रखा गया. सुबह में एक लाख रूपए लेकर छोड़ा गया. जिसके बाद पीड़ित द्वारा एक मेल डीजीपी बिहार पटना, डीआईजी सारण क्षेत्र, डीएम और एसपी गोपालगंज को भेज कर मामलें की जांच कराने की मांग की है. वहीं इस पूरे मामले में थानाध्यक्ष ने अपने ऊपर लगे आरोप को निराधार बताया है.

मामले की जांच के बाद होगी कारवाई: एसपी

एसपी विनय तिवारी ने बताया कि शिकायत मिली है, उसकी जांच करायी जायेगी. अगर थानाध्यक्ष द्वारा इस तरह कृत्य किये जाने की पुष्टि होती है और वो दोषी पाये जाते हैं,तो कड़ी कार्रवाई की जायेगी.